RBI Monetary Policy 2026: क्या आपकी EMI घटेगी या बढ़ेगी? जानें रेपो रेट पर गवर्नर संजय मल्होत्रा का फैसला
News India Live, Digital Desk: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की वित्त वर्ष 2026-27 की पहली द्विमासिक बैठक आज, 8 अप्रैल 2026 को संपन्न हुई। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैठक के नतीजों की घोषणा करते हुए साफ कर दिया है कि फिलहाल आम आदमी की जेब पर कर्ज का बोझ न तो बढ़ेगा और न ही कम होगा।
रेपो रेट पर आरबीआई का बड़ा फैसला
आरबीआई ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का फैसला किया है।
रेपो रेट: 5.25% (कोई बदलाव नहीं)
रिवर्स रेपो रेट: 3.35%
SDF (स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी): 5.00%
MSF (मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी): 5.50%
पॉलिसी स्टांस: 'न्यूट्रल' (Neutral) बरकरार
आपकी EMI पर क्या होगा असर?
चूंकि आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, इसलिए आपके होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI फिलहाल स्थिर बनी रहेगी।
नया लोन लेने वालों के लिए: ब्याज दरें वैसी ही रहेंगी जैसी पिछले कुछ महीनों से चल रही हैं।
मौजूदा कर्जदारों के लिए: यदि आपका लोन रेपो रेट से लिंक्ड (EBLR) है, तो आपकी किश्तों में कोई बदलाव नहीं आएगा। हालांकि, बैंक अपने इंटरनल कॉस्ट के आधार पर मामूली बदलाव कर सकते हैं, लेकिन बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
महंगाई और जीडीपी का अनुमान
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच जारी वैश्विक तनाव के कारण अनिश्चितता बनी हुई है:
जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth): वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विकास दर का अनुमान 6.9% रखा गया है।
महंगाई (Inflation): खुदरा महंगाई दर का अनुमान 4.6% लगाया गया है।
कच्चा तेल: पश्चिम एशिया के संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिसे आरबीआई बारीकी से देख रहा है।
क्यों नहीं घटी दरें?
बाजार को उम्मीद थी कि महंगाई में नरमी को देखते हुए आरबीआई दरों में कटौती कर सकता है। लेकिन गवर्नर ने स्पष्ट किया कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण सप्लाई चेन में दिक्कतें आ सकती हैं और कच्चे तेल के दाम दोबारा बढ़ सकते हैं। इसलिए आरबीआई ने 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की नीति अपनाते हुए दरों को स्थिर रखा है।