Jharkhand Forest : बोकारो में हाई अलर्ट हाथी की मौत के बाद वन विभाग ने घोषित किया रेड जोन, ग्रामीणों और हाथियों के बीच खूनी संघर्ष
News India Live, Digital Desk: झारखंड के बोकारो जिले में एक हाथी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने वन विभाग और जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हाथी की मौत के बाद से इलाके के जंगलों में भारी तनाव का माहौल है। वन विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे क्षेत्र में 'हाई अलर्ट' जारी कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि अपने साथी की मौत से गुस्साया हाथियों का झुंड रिहायशी इलाकों में हमला कर सकता है, जिसे देखते हुए सीमावर्ती गांवों को रेड जोन घोषित कर दिया गया है।
संदिग्ध मौत से बढ़ी सनसनी, रेंजर और गार्ड तैनात
बोकारो के जंगलों में हाथी का शव मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल को अपने घेरे में ले लिया है। प्राथमिक जांच में मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन बिजली के तार या जहर दिए जाने की आशंकाओं को खारिज नहीं किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक विभाग किसी भी नतीजे पर पहुंचने से बच रहा है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को तैनात किया गया है और वन रक्षकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
हाथियों के बदले की आग से दहशत में ग्रामीण
हाथियों के व्यवहार का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि झुंड के किसी सदस्य की मौत होने पर हाथी बेहद आक्रामक और प्रतिशोधी हो जाते हैं। वे अक्सर उस क्षेत्र और आसपास के गांवों पर हमला करते हैं। इसी खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने डुमरी और आसपास के आधा दर्जन गांवों में मुनादी (घोषणा) करवा दी है। लोगों को शाम के बाद घरों से बाहर न निकलने, मसालें तैयार रखने और हाथी के दिखने पर शोर न मचाने की हिदायत दी गई है।
खेतों और घरों की सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद घेराबंदी
वन प्रमंडल पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि हाथियों के मूवमेंट पर 24 घंटे नजर रखी जाए। ड्रोन कैमरों की मदद से हाथियों के झुंड की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। विभाग का मुख्य उद्देश्य हाथियों को घने जंगलों की ओर खदेड़ना है ताकि वे आबादी वाले क्षेत्रों की ओर न बढ़ें। जिन खेतों में फसलें लगी हैं, वहां वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी स्थिति में हाथी को नुकसान न पहुंचाएं, अन्यथा स्थिति और भी बेकाबू हो सकती है।
जांच के घेरे में शिकारी और असामाजिक तत्व
हाथी की मौत केवल एक दुर्घटना है या इसके पीछे शिकारियों का हाथ है, इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है। वन विभाग की एक विशेष टीम आसपास के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि इस मामले में किसी की लापरवाही या संलिप्तता पाई गई, तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, बोकारो के जंगल से सटे इलाकों में सन्नाटा पसरा है और डर के साये में लोग रातें काट रहे हैं।