Jharkhand : कोल्हान में 3 दिनों तक रहेगा चक्का जाम नगर निकाय चुनाव के विरोध में आदिवासी संगठनों का बड़ा एलान

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News India Live, Digital Desk: कोल्हान प्रमंडल में नगर निकाय चुनाव कराए जाने के सरकार के फैसले के खिलाफ आदिवासी समाज ने मोर्चा खोल दिया है। विभिन्न आदिवासी संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार की "जनविरोधी" नीतियों के खिलाफ 3 दिनों तक संपूर्ण कोल्हान बंद रखा जाएगा।

1. विरोध का मुख्य कारण: 'पेसा' कानून का उल्लंघन

आदिवासी संगठनों का आरोप है कि कोल्हान एक अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Area) है, जहाँ 'पेसा' (PESA - Panchayat Extension to Scheduled Areas) कानून और पांचवीं अनुसूची प्रभावी है।

तर्क: संगठनों का कहना है कि अनुसूचित क्षेत्रों में नगर पालिका या नगर परिषद का गठन असंवैधानिक है।

मांग: उनकी मांग है कि इन क्षेत्रों में चुनाव कराने के बजाय पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था (मानकी-मुंडा व्यवस्था) को सुदृढ़ किया जाए।

2. कब और कैसे होगा 'बंद'?

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि बंद के दौरान:

परिवहन: लंबी दूरी की बसें, मालवाहक ट्रक और निजी वाहनों के आवागमन को रोका जाएगा।

बाजार: व्यावसायिक प्रतिष्ठान और स्थानीय बाजारों को बंद रखने की अपील की गई है।

आवश्यक सेवाएं: हालांकि, एम्बुलेंस, अस्पताल और दूध-सब्जी जैसी आपातकालीन सेवाओं को बंद से मुक्त रखने की बात कही गई है।

3. प्रशासन की तैयारी

कोल्हान बंद के आह्वान को देखते हुए तीनों जिलों (जमशेदपुर, चाईबासा और सरायकेला) का प्रशासन अलर्ट मोड पर है:

सुरक्षा: संवेदनशील इलाकों और राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।

संवाद: प्रशासन के अधिकारी संगठनों के नेताओं से बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आम जनता के लिए सलाह:

यदि आप इन तीन दिनों के दौरान चाईबासा, जमशेदपुर या सरायकेला की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो सड़क मार्ग के अवरुद्ध होने की संभावना को देखते हुए अपनी यात्रा टाल दें या वैकल्पिक रास्तों की जानकारी लेकर ही निकलें।