सुखबीर बादल का बड़ा एलान पंजाब में हमारी सरकार बनी तो राजस्थान का पानी रोक देंगे, चुनावी रैली में दी खुली चेतावनी

Post

News India Live, Digital Desk: पंजाब की राजनीति में 'पानी' एक बार फिर सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने खेमकरण (अमृतसर) में आयोजित 'अमरकोट रैली' के दौरान घोषणा की है कि यदि पंजाब में उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो वे राजस्थान फीडर नहर के जरिए राजस्थान को जाने वाले पानी को पूरी तरह बंद कर देंगे।

1. क्या है बादल का तर्क?

सुखबीर बादल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब का पानी केवल पंजाब के किसानों के लिए है।

आरोप: उन्होंने वर्तमान भगवंत मान सरकार और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर पंजाब के हितों को राजस्थान और हरियाणा के हाथों 'बेचने' का आरोप लगाया।

रणनीति: उन्होंने कहा कि राजस्थान को जा रहे पानी को मोड़कर (Divert) पंजाब के उन खेतों तक पहुँचाया जाएगा जहाँ सिंचाई के पानी की किल्लत है।

2. SYL नहर और हरियाणा को भी चेतावनी

बादल ने न केवल राजस्थान बल्कि हरियाणा को लेकर भी सख्त रुख अपनाया:

उन्होंने स्पष्ट किया कि अकाली दल सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर का निर्माण किसी भी कीमत पर नहीं होने देगा।

उनके अनुसार, पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है।

3. राजनीतिक मायने और प्रतिक्रिया

बादल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हरियाणा और राजस्थान के बीच हाल ही में यमुना के पानी को लेकर एक ऐतिहासिक MoU (समझौता) हुआ है।

राजस्थान की प्रतिक्रिया: राजस्थान के नेताओं ने इस बयान को 'असंवैधानिक' करार दिया है, उनका कहना है कि पानी का बँटवारा दशकों पुराने समझौतों और ट्रिब्यूनल के आधार पर होता है, जिसे कोई एक राजनीतिक दल अकेले नहीं बदल सकता।

वोट बैंक की राजनीति: विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब के मालवा और सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों को लुभाने के लिए अकाली दल ने यह आक्रामक रुख अपनाया है।

विवाद का मुख्य केंद्र: राजस्थान फीडर नहर

राजस्थान फीडर नहर (Indira Gandhi Canal का हिस्सा) पंजाब के हरिके बैराज से निकलती है और राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जैसे जिलों की जीवनरेखा मानी जाती है। यदि इसका पानी रुकता है, तो राजस्थान के एक बड़े हिस्से में पीने के पानी और सिंचाई का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा।