राजस्थान विधानसभा में अपनों के ही बोल बिगड़े BJP विधायक बहादुर सिंह कोली ने बजट पर खड़े किए सवाल
News India Live, Digital Desk: राजस्थान विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान नदबई (भरतपुर) से भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने सदन में अपनी ही सरकार के मंत्रियों और नौकरशाही (Bureaucracy) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
1. कोली के बयान की मुख्य बातें
विधायक बहादुर सिंह कोली ने सदन को संबोधित करते हुए कहा:
नौकरशाही का दबदबा: उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी विधायकों की बातों को अनसुना कर रहे हैं। विकास कार्यों की फाइलें सचिवालय में अटकी रहती हैं और धरातल पर काम नहीं दिख रहा।
बजट का आवंटन: कोली ने कहा कि बजट में घोषणाएं तो बहुत हैं, लेकिन उनके क्षेत्र नदबई के लिए जो जरूरी मांगें थीं, उन्हें नजरअंदाज किया गया है।
सीधा हमला: उन्होंने मंत्रियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर विधायक की सुनवाई नहीं होगी, तो जनता के बीच क्या मुंह लेकर जाएंगे?
2. विपक्ष ने लपका मुद्दा
बहादुर सिंह कोली के इस बयान के तुरंत बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया:
तेजस्वी पलटवार: कांग्रेस विधायकों ने कहा कि जब भाजपा के अपने ही विधायक सरकार से असंतुष्ट हैं, तो आम जनता का हाल समझा जा सकता है।
सरकार की घेराबंदी: विपक्ष ने इसे "सरकार के भीतर अंतर्कलह" और "प्रशासन पर नियंत्रण की कमी" करार दिया है।
3. कौन हैं बहादुर सिंह कोली?
बहादुर सिंह कोली पूर्वी राजस्थान के कद्दावर नेता माने जाते हैं:
वे पहले सांसद (MP) भी रह चुके हैं और वर्तमान में नदबई से विधायक हैं।
वे अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं और इससे पहले भी कई बार अपनी ही पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं।
राजनीतिक निहितार्थ
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह स्थिति असहज करने वाली है। पूर्वी राजस्थान (भरतपुर बेल्ट) में भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, ऐसे में कोली जैसे वरिष्ठ नेता का असंतोष पार्टी के भीतर 'ऑल इज नॉट वेल' के संकेत दे रहा है।