Jhalawar Police : MP में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ 320 Kg केमिकल के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार

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News India Live, Digital Desk : नशीले पदार्थों के खिलाफ जारी अभियान में झालावाड़ पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में चल रही एक अवैध ड्रग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का पता लगाया है। इस पूरी कार्रवाई में झालावाड़ पुलिस ने एमपी की आगर और राजगढ़ पुलिस के साथ समन्वय कर 5 शातिर तस्करों को दबोचा है।

कैसे हुआ इस 'काले कारोबार' का खुलासा?

यह कार्रवाई मंगलवार रात (4 फरवरी 2026) को गश्त के दौरान शुरू हुई:

संदिग्ध वाहन: पुलिस टीम ने एक चौराहे के पास खड़ी एक पिकअप और एक एसयूवी (SUV) को संदिग्ध पाया।

तलाशी में बरामदगी: पिकअप की जांच करने पर घरेलू सामान के नीचे छिपाए गए 6 प्लास्टिक ड्रम मिले। इनमें 320.72 किलोग्राम 2-ब्रोमो 4-मिथाइल प्रोपियोफेनोन (2-bromo 4-methyl propiophenone) केमिकल भरा था।

गिरफ्तारी: मौके से तीन आरोपियों दीपक, जितेंद्र सिंह और शैलेंद्र विलाला (सभी आगर, एमपी निवासी) को हिरासत में लिया गया।

ड्रग फैक्ट्री तक पहुँची पुलिस

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने मध्य प्रदेश के आगर और राजगढ़ जिलों में छापेमारी की:

नेटवर्क का खुलासा: पूछताछ में पता चला कि यह केमिकल महाराष्ट्र से कोटा होते हुए आगर ले जाया जा रहा था।

फैक्ट्री पर दबिश: राजगढ़ जिले में एक संदिग्ध ड्रग फैक्ट्री का पता चला, जहाँ से नशीली दवाएं बनाने के उपकरण और भारी मात्रा में अन्य कच्चा माल बरामद किया गया।

मास्टरमाइंड काबू: पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सदस्यों, जयनारायण उर्फ मामू और उसके साथी रामलाल को भी गिरफ्तार कर लिया है।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

झालावाड़ के एसपी अमित कुमार के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अंतरराज्यीय संबंध: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह गिरोह राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किन-किन पबों, क्लबों और शैक्षणिक संस्थानों में इन सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था।

DRI का इनपुट: इस पूरे ऑपरेशन में डीआरआई (DRI) जयपुर के इनपुट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।