Jamshedpur : टाटानगर को मिलने वाली है बड़ी सौगात जल्द पटरी पर दौड़ेगी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन, जानें रूट और सुविधाएं
News India Live, Digital Desk : झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर (टाटानगर) के रेल यात्रियों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे जल्द ही टाटानगर से स्लीपर वंदे भारत (Sleeper Vande Bharat) ट्रेन शुरू करने की तैयारी में है। यह ट्रेन न केवल यात्रा के समय को कम करेगी, बल्कि यात्रियों को हवाई जहाज जैसा आरामदेह अनुभव भी प्रदान करेगी।
11 मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए रूट और तकनीकी पहलुओं पर काम तेज कर दिया है।
टाटानगर स्लीपर वंदे भारत: क्या होगा खास? (Key Features)
लंबी दूरी का सफर होगा आसान: वर्तमान वंदे भारत ट्रेनें केवल बैठने की सुविधा (Chair Car) वाली हैं, जो कम दूरी के लिए उपयुक्त हैं। लेकिन टाटानगर से शुरू होने वाली यह नई 'स्लीपर' वर्जन लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए डिजाइन की गई है।
शानदार इंटीरियर और सुविधाएं: इन ट्रेनों में यात्रियों को ऑटोमैटिक दरवाजे, सेंसर-आधारित बायो-टॉयलेट, गद्देदार बर्थ, रीडिंग लाइट्स और चार्जिंग पॉइंट्स जैसी वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं मिलेंगी। ट्रेन में शोर कम करने के लिए विशेष साउंड-प्रूफिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
हाई-स्पीड कनेक्टिविटी: यह ट्रेन 160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है, जिससे टाटानगर से दिल्ली या बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों की यात्रा के समय में 2-4 घंटे की कमी आने की उम्मीद है।
संभावित रूट: सूत्रों के अनुसार, टाटानगर से वाराणसी, दिल्ली या मुंबई के रूट पर इसे चलाने का प्रस्ताव है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा का अभी इंतजार है।
जमशेदपुर के विकास को लगेगी 'रफ्तार'
जमशेदपुर एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र (Industrial Hub) है, जहाँ टाटा स्टील समेत कई बड़ी कंपनियाँ स्थित हैं। स्लीपर वंदे भारत शुरू होने से व्यापारिक वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। टाटानगर स्टेशन पर पहले से ही वंदे भारत का रखरखाव (Maintenance) और परिचालन सफलतापूर्वक चल रहा है, जिससे नई ट्रेन को संभालने में कोई तकनीकी बाधा नहीं आएगी।
कब तक शुरू होगी सेवा?
रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, स्लीपर वंदे भारत के रैक का परीक्षण अंतिम चरण में है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी कुछ महीनों के भीतर टाटानगर के प्लेटफॉर्म से पहली स्लीपर वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई जा सकती है।