Jharkhand West Bengal : पाकुड़-सैंथिया चौथी रेल लाइन को मंजूरी, जानें 1.47 करोड़ लोगों को कैसे होगा फायदा
News India Live, Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल (CCEA) ने 10 मार्च 2026 को रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इसमें सैंथिया-पाकुड़ चौथी रेल लाइन और संतरागाछी-खड़गपुर चौथी रेल लाइन शामिल हैं। लगभग ₹4,474 करोड़ की लागत वाली ये परियोजनाएं झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच व्यापार और यात्रा की तस्वीर बदल देंगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं (Key Highlights)
नेटवर्क का विस्तार: इन दो मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 192 किलोमीटर की नई लाइनें जुड़ेंगी।
माल ढुलाई में क्रांति: सैंथिया-पाकुड़ खंड कोयला और पत्थर के परिवहन के लिए "लाइफलाइन" माना जाता है। चौथी लाइन बनने से हर साल 3.1 करोड़ टन (31 MTPA) अतिरिक्त माल ढोया जा सकेगा।
भीड़भाड़ से मुक्ति: संतरागाछी-खड़गपुर जैसे व्यस्त मार्गों पर चौथी लाइन बनने से ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म होगी और परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) में सुधार होगा।
डेडलाइन: सरकार ने इन परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
किन इलाकों और लोगों को मिलेगा लाभ?
5 जिले और करोड़ों की आबादी: झारखंड और बंगाल के 5 जिलों के लगभग 5,652 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे करीब 1.47 करोड़ की आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा।
पर्यटन और तीर्थस्थल: रेलवे की क्षमता बढ़ने से कई प्रमुख स्थलों तक पहुंचना आसान होगा:
शक्तिपीठ: तारापीठ और नंदिकेश्वरी मंदिर।
सांस्कृतिक केंद्र: बोलपुर और शांतिनिकेतन।
प्राकृतिक स्थल: भीमबंध वन्यजीव अभयारण्य, धाड़िका वन क्षेत्र और रामेश्वर कुंड।
PM गतिशक्ति का मास्टरप्लान
यह परियोजना पीएम-गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है। इसका उद्देश्य न केवल बुनियादी ढांचे का विकास है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर उन्हें "आत्मनिर्भर" बनाना भी है।
इसके साथ ही कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बदनावर-टिमरवानी खंड को भी मंजूरी दी है, जिससे उज्जैन के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।