Jaipur Metro Alert : टोकन का जमाना गया अब मेट्रो में सफर के लिए मिलेगा ये खास कागज, जानिए नया सिस्टम
News India Live, Digital Desk : अगर आप पिंक सिटी (Jaipur) में रहते हैं और रोज़ाना मेट्रो से आना-जाना करते हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम की है। अब तक स्टेशन पर जाकर वो गोल-सा प्लास्टिक का "टोकन" खरीदना और उसे संभालकर रखना सिरदर्दी लगता था न? डर लगा रहता था कि कहीं टोकन खो गया तो जुर्माना न भरना पड़ जाए।
तो बस, अब खुश हो जाइए! जयपुर मेट्रो ने आपके सफर को और आसान (Smart & Easy) बनाने के लिए एक बड़ा बदलाव किया है।
अब नहीं मिलेगा 'टोकन', आ गया QR कोड
जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (JMRC) ने फैसला किया है कि पुराने प्लास्टिक वाले टोकन को अब धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा। इसकी जगह अब आपको QR कोड वाला पेपर टिकट (Paper Ticket) मिलेगा।
जी हाँ, बिल्कुल वैसा ही जैसा आप मॉल या मूवी थिएटर में देखते हैं या दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट लाइन में इस्तेमाल होता है। आपको बस काउंटर पर पैसे देने हैं, वहां से एक कागज की पर्ची मिलेगी जिस पर QR कोड छपा होगा। उसे गेट पर स्कैन कीजिये और एंट्री लीजिये। सफर ख़त्म होने पर टोकन लौटाने या जमा करने की कोई टेंशन ही नहीं।
मेट्रो ने ऐसा क्यों किया?
आपके मन में सवाल होगा कि अच्छा-खासा टोकन चल तो रहा था, फिर यह कागज क्यों? इसके पीछे दो बड़ी वजहें हैं:
- महंगा पड़ता था टोकन: एक प्लास्टिक का टोकन बनाने में खर्चा ज्यादा आता था। कई बार यात्री टोकन अपने साथ घर ले जाते थे या वो खो जाता था, जिससे मेट्रो को नुकसान होता था। पेपर टिकट सस्ता है और 'वन टाइम यूज़' (Use and Throw) है।
- रखरखाव का झंझट: प्लास्टिक टोकन को बार-बार सैनिटाइज़ करना और मशीनों में लोड करना एक बड़ा काम था। पेपर टिकट से समय भी बचेगा और भीड़ भी कम होगी।
ऑनलाइन बुकिंग भी है पाइपलाइन में
सिर्फ इतना ही नहीं, जयपुर मेट्रो अब पूरी तरह डिजिटल होने की राह पर है। खबर है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसका मतलब यह है कि आने वाले दिनों में आपको काउंटर पर खड़े होकर पर्ची लेने की भी जरूरत नहीं होगी।
आप घर बैठे मोबाइल ऐप से टिकट बुक करेंगे, फ़ोन की स्क्रीन पर QR कोड आएगा, उसे मशीन पर दिखाइये और निकल पढ़िए अपनी मंजिल की ओर। है न कमाल की बात?
आपको क्या फायदा होगा?
- सफाई (Hygiene): हाथ में गंदा प्लास्टिक टोकन पकड़ने की जरुरत नहीं।
- समय की बचत: एग्जिट गेट पर टोकन डालने के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ेगी।
- जुर्माने से मुक्ति: टोकन खोने का डर हमेशा के लिए ख़त्म।
शुरुआत कब से?
इस नए सिस्टम को लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। जयपुर मेट्रो का यह कदम स्मार्ट सिटी की तरफ एक स्मार्ट मूव है।
आप क्या सोचते हैं?
क्या पेपर टिकट और मोबाइल वाला सिस्टम टोकन से बेहतर है? या आपको पुराना टोकन सिस्टम ही पसंद था? कमेंट करके अपनी राय हमारे साथ जरूर शेयर करें!