Jaggery Laddu Recipe : माँ कालरात्रि को बेहद प्रिय है गुड़, सप्तमी पर ऐसे बनाएं सोंठ-गुड़ के सेहतमंद लड्डू
News India Live, Digital Desk: नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा में गुड़ का नैवेद्य चढ़ाने की परंपरा है। माना जाता है कि गुड़ का भोग लगाने से व्यक्ति की सभी बाधाएं दूर होती हैं और उसे शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। अगर आप भी आज माँ को प्रसन्न करने के लिए घर पर ही शुद्ध प्रसाद बनाना चाहते हैं, तो 'गुड़ और सोंठ के लड्डू' एक बेहतरीन विकल्प हैं। यह न केवल स्वाद में लाजवाब हैं, बल्कि चैत्र की बदलती ऋतु में सेहत के लिए भी वरदान हैं।
आवश्यक सामग्री (Ingredients)
गुड़ (Jaggery): 250 ग्राम (कद्दूकस किया हुआ)
गेहूं का आटा: 1 कप
देसी घी: ½ कप
सोंठ पाउडर (Dry Ginger): 2 बड़े चम्मच
गोंद (Gum): 2 बड़े चम्मच (बारीक कुटा हुआ)
मगज (तरबूज के बीज): 2 बड़े चम्मच
सूखा नारियल: ½ कप (कद्दूकस किया हुआ)
बारीक कटे मेवे: बादाम, काजू और पिस्ता (इच्छानुसार)
बनाने की विधि (Step-by-Step Recipe)
गोंद और मेवे भूनें: एक कड़ाही में थोड़ा घी गरम करें और गोंद को धीमी आंच पर फुला लें। फूलने के बाद इसे निकाल कर दरदरा कूट लें। उसी घी में कटे हुए मेवे और मगज को भी हल्का सुनहरा होने तक भूनें।
आटा भूनें: अब कड़ाही में बचा हुआ घी डालें और गेहूं के आटे को मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक कि उसमें से सोंधी खुशबू न आने लगे और रंग हल्का भूरा न हो जाए।
मसाले मिलाएं: भुने हुए आटे में सोंठ पाउडर और कद्दूकस किया हुआ नारियल मिलाएं। इसे 1 मिनट तक चलाएं और फिर आंच बंद कर दें।
गुड़ का मिश्रण: अब गरम आटे के मिश्रण में ही कद्दूकस किया हुआ गुड़ और भुने हुए मेवे/गोंद डाल दें। ध्यान रखें कि आंच बंद हो, वरना गुड़ जल सकता है। आटे की गर्माहट से ही गुड़ पिघलकर अच्छी तरह मिल जाएगा।
लड्डू बांधें: जब मिश्रण हल्का गुनगुना (सहने लायक) हो जाए, तब हाथों में थोड़ा घी लगाकर छोटे-छोटे गोल लड्डू बांध लें। माँ कालरात्रि का भोग तैयार है!
माँ कालरात्रि की पूजा में गुड़ का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, सप्तमी के दिन गुड़ का दान करने और इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से साधक के मानसिक और शारीरिक रोग दूर होते हैं। माँ कालरात्रि को 'शुभंकरी' भी कहा जाता है, और गुड़ की मिठास उनके इसी मंगलकारी रूप को समर्पित है।