सरकारी कर्मचारियों के लिए अब AI सीखना अनिवार्य 17 लाख कर्मियों के लिए जारी हुआ आदेश, जानें इसके फायदे
News India Live, Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब 'डिजिटल गवर्नेंस' (Digital Governance) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब फाइलों का निपटारा और जनसुनवाई केवल पुराने तरीकों से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से होगी। इसके लिए सभी 63 विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
1. क्या है सरकार का आदेश?
नियुक्ति और कार्मिक विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, 17 लाख से अधिक कर्मचारियों को 'iGOT कर्मयोगी' पोर्टल पर उपलब्ध AI कोर्स को पूरा करना होगा।
अनिवार्यता: यह कोर्स केवल सीखने के लिए नहीं है, बल्कि इसे पूरा करना प्रमोशन (Promotion) और एसीआर (Annual Confidential Report - ACR) से जोड़ा गया है।
7-दिवसीय प्रशिक्षण: सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 7 दिनों का अनिवार्य 'कैपेसिटी बिल्डिंग' प्रोग्राम लागू किया गया है।
डेडलाइन: इसे निर्धारित समय सीमा (संभवतः 28 फरवरी 2026 तक) के भीतर पूरा करना होगा, अन्यथा वेतन वृद्धि या प्रमोशन में बाधा आ सकती है।
2. AI ट्रेनिंग से क्या बदलेगा?
सरकार का मानना है कि AI के प्रयोग से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सरकारी काम में तेजी आएगी। इसके मुख्य प्रभाव इस प्रकार होंगे:
फाइल प्रोसेसिंग: AI टूल्स की मदद से सरकारी फाइलों को ट्रैक करना और उन्हें तेजी से आगे बढ़ाना आसान होगा।
डेटा एनालिसिस: विभिन्न सरकारी योजनाओं (जैसे कन्या सुमंगला या किसान निधि) के लाभार्थियों का डेटा विश्लेषण सटीक होगा।
जनता की शिकायतों का निवारण: शिकायतों (Grievance Redressal) को वर्गीकृत करने और उनका तुरंत समाधान खोजने में AI मददगार साबित होगा।
साइबर सुरक्षा: कर्मचारियों को केवल AI ही नहीं, बल्कि डेटा सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
3. 'iGOT कर्मयोगी' पोर्टल: डिजिटल शिक्षा का केंद्र
यह पोर्टल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मिशन कर्मयोगी' का मुख्य हिस्सा है। उत्तर प्रदेश इस पोर्टल पर अपने कर्मचारियों को ऑनबोर्ड (Onboard) करने वाला देश का नंबर-1 राज्य बन गया है।
कोर्स का स्वरूप: यह ट्रेनिंग ऑनलाइन, वीडियो और क्विज़ (Quiz) के माध्यम से दी जाती है।
सर्टिफिकेट: कोर्स पूरा करने के बाद कर्मचारी को एक डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा, जो उनके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज होगा।
4. किनके लिए है यह कोर्स?
यह ट्रेनिंग राज्य के शीर्ष अधिकारियों (IAS/PCS) से लेकर फ्रंटलाइन वर्कर्स जैसे:
पुलिस विभाग के कर्मी (Constables)
राजस्व विभाग के लेखपाल
स्वास्थ्य विभाग की आशा बहुएं
नगर निकायों और पंचायती राज संस्थानों के कर्मचारी।