रांची में ISIS के स्लीपर सेल का पर्दाफाश पीजी हॉस्टल बना था आतंकियों का अड्डा, NIA की बड़ी कार्रवाई

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News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजधानी रांची अब आतंकी संगठनों के रडार पर है। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि आईएसआईएस (ISIS) रांची के युवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कट्टरपंथी बना रहा है और उन्हें देश विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहा है।

1. पीजी हॉस्टल बना 'एक्सप्लोसिव फैक्ट्री' (The PG Room Module)

जांच एजेंसियों ने रांची के एक पीजी (PG) हॉस्टल में छापेमारी कर इस नेटवर्क का खुलासा किया।

हथियार और बम निर्माण: आरोपी इस छोटे से कमरे का उपयोग हथियार बनाने और बम (IED) असेंबल करने की ट्रेनिंग के लिए कर रहे थे।

बड़ी साजिश: इस ठिकाने से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, डिजिटल डिवाइस और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

2. मुख्य आरोपी अजहर दानिश की गिरफ्तारी (Key Arrests)

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस (ATS) ने संयुक्त कार्रवाई में अजहर दानिश को गिरफ्तार किया है।

भूमिका: दानिश इस मॉड्यूल का मुख्य सदस्य बताया जा रहा है जो रांची में रहकर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम कर रहा था।

नेटवर्क: यह मॉड्यूल सिग्नल (Signal) जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था।

3. NIA की मल्टी-स्टेट छापेमारी (NIA Multi-State Raid)

सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच एनआईए ने रांची सहित देश के 8 राज्यों के 16 ठिकानों पर छापेमारी की है।

टारगेट: इन आतंकियों के निशाने पर धार्मिक स्थल, वीवीआईपी (VVIP) और प्रमुख राजनेता (BJP-RSS के बड़े नेता) थे।

टेरर फंडिंग: जांच में टेरर फंडिंग से जुड़े कई कैश ट्रांजेक्शन और कैश काउंटिंग मशीनें भी बरामद की गई हैं।

रांची में क्यों बढ़ रहा है कट्टरपंथ? (Factors of Radicalism)

ऑनलाइन रिक्रूटमेंट: सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को 'जिहाद' के नाम पर गुमराह किया जा रहा है।

सस्ते ठिकाने: रांची के बाहरी इलाकों में बने सस्ते लॉज और पीजी हॉस्टल बिना किसी पुलिस वेरिफिकेशन के कमरा दे देते हैं, जिसका फायदा आतंकी उठा रहे हैं।

सिग्नल और टेलीग्राम: इन ऐप्स का उपयोग कर वे सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर ट्रेनिंग मैनुअल और साजिशें साझा करते हैं।