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March 27 2026 01:02 am

Iran Ceasefire Plan: ट्रंप का 'मास्टर स्ट्रोक' या ईरान के लिए जाल? 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव में परमाणु कार्यक्रम खत्म करने की शर्त, पाकिस्तान बना मध्यस्थ

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वाशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में पिछले तीन हफ्तों से जारी भीषण युद्ध को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक का सबसे बड़ा कूटनीतिक दांव खेला है। इजरायल के 'चैनल 12' की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने ईरान के सामने एक 15-सूत्रीय शांति योजना पेश की है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य एक महीने का युद्धविराम (Ceasefire) लागू करना है, ताकि दोनों पक्ष एक स्थायी और ऐतिहासिक समझौते की मेज पर आ सकें। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ की 'सीक्रेट' प्लानिंग

इस शांति प्रस्ताव को ट्रंप के भरोसेमंद विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर ने तैयार किया है। पाकिस्तान के जरिए तेहरान तक पहुँचाई गई इस योजना में ऐसी शर्तें रखी गई हैं, जो ईरान के सैन्य और परमाणु ढांचे की दिशा बदल सकती हैं।

ट्रंप की 15-सूत्रीय योजना की मुख्य शर्तें

ट्रंप प्रशासन ने इस समझौते के बदले ईरान के सामने 'कठोर' समर्पण की स्थिति रखी है:

परमाणु सरेंडर: ईरान को अपनी मौजूदा परमाणु क्षमताओं को पूरी तरह खत्म करना होगा और भविष्य में परमाणु हथियार न बनाने की लिखित गारंटी देनी होगी।

यूरेनियम का खात्मा: 60% तक संवर्धित लगभग 450 किलोग्राम यूरेनियम का भंडार अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना होगा।

ठिकानों का विनाश: नतांज, इस्फहान और फोर्डो जैसे रणनीतिक परमाणु केंद्रों को पूरी तरह नष्ट करना होगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक तेल व्यापार के लिए इस समुद्री मार्ग को हमेशा खुला रखना अनिवार्य होगा।

मिसाइल और प्रॉक्सी वॉर: मिसाइलों की रेंज पर सीमा तय की जाएगी और क्षेत्रीय समूहों (Proxies) को आर्थिक व सैन्य मदद बंद करनी होगी।

बदले में ईरान को क्या मिलेगा? 'गाजर और छड़ी' की नीति

अगर ईरान इन कड़ी शर्तों को स्वीकार कर लेता है, तो ट्रंप प्रशासन ने उसे 'सुनहरे भविष्य' का वादा किया है:

प्रतिबंधों से मुक्ति: ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को तुरंत और पूरी तरह हटा लिया जाएगा।

आर्थिक संजीवनी: अमेरिका खुद 'बुशहर' जैसे संयंत्रों में नागरिक कार्यों (Civilian Nuclear Energy) के लिए तकनीकी और वित्तीय मदद प्रदान करेगा।

सुरक्षा गारंटी: 'स्नैपबैक' तंत्र (प्रतिबंधों का स्वतः लागू होना) को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।

इजरायल में खलबली और ईरान का 'ना'

ट्रंप के इस अचानक आए प्रस्ताव ने इजरायल के भीतर तनाव पैदा कर दिया है। इजरायली नेतृत्व को डर है कि ट्रंप एक 'डील' के चक्कर में ईरान को पूरी तरह कमजोर किए बिना ही युद्ध रोक देंगे, जिससे भविष्य में ईरान फिर से सिर उठा सकता है।

दूसरी ओर, तेहरान ने आधिकारिक तौर पर अभी भी किसी भी बातचीत से इनकार किया है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा केंद्रों पर हमले नहीं रुके, तो वह पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) के तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा।