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March 29 2026 02:09 am

ईरान की अमेरिका-इजरायल को दोटूक अपने बच्चों को नरक में न भेजें, जमीनी हमले की आहट पर IRGC की खौफनाक चेतावनी

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News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग अब उस मुहाने पर पहुंच गई है जहां से वापसी का रास्ता नजर नहीं आ रहा है। ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल को अब तक की सबसे कठोर चेतावनी दी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर इजरायल ने लेबनान या उसके आसपास किसी भी तरह का जमीनी ऑपरेशन (Ground Operation) शुरू करने की हिमाकत की, तो अंजाम बेहद खौफनाक होगा।

'बच्चों को मौत के मुंह में न धकेलें पश्चिमी देश'

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल को अपने सैनिकों को किसी भी जमीनी युद्ध में उतारने से पहले सौ बार सोचना चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा, "अपने बच्चों को नरक की आग में न भेजें।" ईरान का इशारा साफ है कि अगर इजरायली सेना ने सीमा पार की, तो उसे बड़े पैमाने पर जनहानि झेलनी पड़ेगी। यह बयान उस समय आया है जब इजरायल लगातार लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी कर रहा है।

इजरायल की जमीनी हमले की तैयारी से भड़का ईरान

पिछले कुछ दिनों से इजरायली सेना की हलचल लेबनान सीमा पर काफी बढ़ गई है। खबरें हैं कि इजरायल एक बड़े जमीनी हमले (Invasion) की योजना बना रहा है। ईरान इस कदम को रेड लाइन मान रहा है। IRGC का मानना है कि हवाई हमलों के बाद अब इजरायल जमीनी जंग की तैयारी कर रहा है, जिसमें अमेरिका उसका पर्दे के पीछे से साथ दे रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसके सहयोगी संगठन और उसकी अपनी सेना किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

मिसाइल अटैक के बाद और तल्ख हुए तेवर

हाल ही में ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। इजरायल ने इस हमले का बदला लेने की कसम खाई है, वहीं ईरान का कहना है कि अगर दोबारा हमला हुआ तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक विनाशकारी होगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह ताजा चेतावनी मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा है, ताकि इजरायल को लेबनान के अंदर घुसने से रोका जा सके।

दुनिया पर मंडरा रहा है महायुद्ध का खतरा

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ती इस जुबानी जंग और सैन्य तैयारियों ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के डर में डाल दिया है। अमेरिका ने जहां अपने विमान वाहक पोत क्षेत्र में तैनात कर दिए हैं, वहीं ईरान ने भी अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों को 'लॉन्च मोड' पर रखा है। अगर जमीनी जंग शुरू होती है, तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।