ईरान-अमेरिका तनाव, आसमान में भी खतरा, यात्रियों और नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
News India Live, Digital Desk : पिछले कुछ घंटों से दुनिया भर की नजरें एक बार फिर मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) पर टिकी हुई हैं। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका सीधा असर अब आम लोगों और हवाई सफर पर पड़ता दिख रहा है। हालात इतने नाज़ुक हो गए हैं कि इसका असर आसमान में उड़ती फ्लाइट्स पर भी देखने को मिल रहा है।
हवाई रास्तों पर लगा पहरा?
ताज़ा हालात को देखते हुए एक बड़ी खबर यह आ रही है कि एयरस्पेस यानी हवाई रास्तों को लेकर चिंता बढ़ गई है। अक्सर जब दो देशों में जंग जैसे हालात बनते हैं, तो सबसे पहला खतरा कमर्शियल फ्लाइट्स (यात्री विमानों) को होता है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, कई एयरलाइंस ने अपने रास्ते बदलने शुरू कर दिए हैं या ईरान के ऊपर से उड़ने से बच रही हैं।
सरल शब्दों में कहें तो, आसमान में "नो फ्लाई जोन" जैसी स्थितियां बन रही हैं। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि आम नागरिकों की जान को जोखिम में न डाला जाए। आपको याद होगा कि पिछले कुछ सालों में कैसे युद्ध के माहौल में गलती से फ्लाइट्स को निशाना बनाया गया था, शायद इसीलिए इस बार एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं।
नागरिकों के लिए चेतावनी (Advisory)
सिर्फ हवाई सफर ही नहीं, बल्कि जमीन पर मौजूद नागरिकों के लिए भी धड़कनें बढ़ा देने वाली खबरें हैं। अलग-अलग देशों ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे फिलहाल इन तनावग्रस्त इलाकों की यात्रा न करें। जो लोग वहां पहले से मौजूद हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने या बंकर्स के पास रहने की सलाह दी जा रही है। एम्बेसी और दूतावास लगातार अपने लोगों के संपर्क में हैं।
आगे क्या होगा?
अभी कहना मुश्किल है कि ऊंट किस करवट बैठेगा, लेकिन मौजूदा स्थिति काफी गंभीर लग रही है। अमेरिका और ईरान दोनों ही अपनी-अपनी ताकत दिखा रहे हैं, लेकिन पिसता हमेशा आम आदमी है। चाहे वह फंसा हुआ यात्री हो या वहां रहने वाला नागरिक।
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य उस क्षेत्र में यात्रा करने का प्लान बना रहा है, तो हमारी सलाह यही है कि एक बार फ्लाइट स्टेटस और सरकारी एडवाइजरी जरूर चेक कर लें। फिलहाल, दुनिया बस यही उम्मीद कर रही है कि बातचीत से रास्ता निकल आए और जंग की नौबत न आए।