Indonesia floods death toll today:1200 से ज्यादा मौतें और हजारों बेघर, इंडोनेशिया और श्रीलंका में हालात बद से बदतर

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Indonesia floods death toll today : पिछले हफ्ते कुदरत ने एशिया के तीन देशों-इंडोनेशिया, श्रीलंका और थाईलैंड-पर ऐसा कहर बरपाया है कि वहां की तस्वीरें देखकर किसी का भी दिल दहल जाए। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन (Landslides) ने हंसते-खेलते शहरों और गांवों को श्मशान में बदल दिया है। ताज़ा आकंड़े बता रहे हैं कि अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 800 से अधिक लोग अभी भी मलबे या पानी में कहीं लापता हैं।

इमरजेंसी टीमें दिन-रात एक करके शवों को निकाल रही हैं और उन लोगों तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं जिनकी सांसें अभी बाकी हैं। लेकिन खराब मौसम और टूटे रास्ते इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं।

इंडोनेशिया: जहां मौत का आंकड़ा सबसे डरावना है
सबसे बुरी मार इंडोनेशिया पर पड़ी है। सुमात्रा द्वीप के कई गांव तो पूरी तरह दुनिया से कट गए हैं। सड़कें बह गई हैं और पुल ताश के पत्तों की तरह बिखर गए हैं।

  • यहाँ अब तक 659 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
  • करीब 475 लोग अभी भी लापता हैं।
    इंडोनेशिया की डिजास्टर मैनेजमेंट टीम नावों और हेलिकॉप्टरों के जरिए लोगों को ढूँढ़ रही है, लेकिन कीचड़ और मलबे ने सब कुछ रोक रखा है।

श्रीलंका: 'दितवाह' तूफान के जख्म
हमारा पड़ोसी देश श्रीलंका अभी तक चक्रवात 'दितवाह' (Cyclone Ditwah) के झटके से उबर नहीं पाया है। भारी बारिश ने यहाँ पहाड़ों को दरका दिया है।

  • सोमवार शाम तक यहाँ 390 शव मिल चुके थे।
  • 352 लोग अभी भी लापता हैं।
    सबसे ज्यादा तबाही कैंडी (88 मौतें), बादुल्ला और नुवारा एलिया में हुई है। मिलिट्री की टीमें पागलों की तरह लापता लोगों को खोज रही हैं, लेकिन जगह-जगह भूस्खलन होने से मदद पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। अच्छी बात यह है कि मुश्किल की इस घड़ी में भारत सरकार श्रीलंका की मदद के लिए लगातार खड़ी है।

थाईलैंड: 15 लाख घरों में भरा पानी
थाईलैंड के दक्षिणी हिस्से में बाढ़ ने 181 लोगों की जान ले ली है। लेकिन यहाँ बर्बादी का पैमाना अलग है-करीब 15 लाख घर बाढ़ की चपेट में आए हैं।सरकार ने वहां लोगों का पेट भरने के लिए 'पब्लिक किचन' शुरू किए हैं, जहाँ ताजा खाना बनाकर बांटा जा रहा है। सड़कों से कीचड़ साफ़ करने और बिजली बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।

सरकार और वर्ल्ड बैंक की पहल
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा है कि जो तबाही ऊपर दिख रही है, नुकसान उससे कहीं ज्यादा गहरा है। इस संकट से निपटने के लिए श्रीलंका सरकार ने एक 'विशेष कोष' बनाने का एलान किया है। इसके लिए वर्ल्ड बैंक से भी बातचीत चल रही है ताकि प्रभावित इलाकों को फिर से खड़ा किया जा सके।

फिलहाल, हजारों लोग छतों पर बैठकर मदद का इंतज़ार कर रहे हैं। दुआ कीजिये कि कुदरत का यह गुस्सा जल्द शांत हो और जिंदगियां फिर पटरी पर लौट सकें।