समुद्र में बढ़ रही है भारत की दहाड़ चीन की हर चाल होगी फेल, जब पानी में उतरेंगे ये 19 नए शिकारी

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News India Live, Digital Desk : आज के दौर में अगर कोई देश यह सोचता है कि वह समुद्र के रास्ते अपनी मनमानी कर लेगा, तो शायद उसने भारत की तैयारी को अभी गौर से देखा नहीं है। हाल के दिनों में हिंद महासागर में चीन की बढ़ती दखलअंदाजी किसी से छिपी नहीं है। लेकिन अब खबर ऐसी है जो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर देगी। भारतीय नौसेना ने कमर कस ली है और इस साल एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 19 नए जंगी जहाज और पनडुब्बियां बेड़े में शामिल होने जा रहे हैं।

सिर्फ संख्या नहीं, ये भारत की बढ़ती ताकत है
ये कोई मामूली जहाज नहीं हैं। इनमें हाई-टेक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर, आधुनिक युद्धपोत और चुपके से वार करने वाली पनडुब्बियां शामिल हैं। ये सब इस साल नौसेना की ताकत का हिस्सा बन जाएंगे। बात सिर्फ नए जहाज पानी में उतारने की नहीं है, बल्कि बात है 'मैसेज' देने की। चीन जिस तरह से समुद्री सीमाओं पर अपना दबदबा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, भारत का यह कदम सीधे-सीधे उसकी उस दादागिरी पर लगाम लगाने वाला है।

स्वदेशी ताकत पर जोर (Make in India का जलवा)
सबसे बड़ी और अच्छी बात यह है कि इनमें से ज्यादातर जहाज और साजो-सामान भारत में ही तैयार किए गए हैं। आत्मनिर्भर भारत के तहत अब हम न सिर्फ अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि तकनीकी मामले में भी दुनिया को अपनी काबिलियत दिखा रहे हैं। जब आप अपनी धरती पर बने जहाजों के साथ समंदर की लहरों पर राज करते हैं, तो आत्मविश्वास अलग ही होता है।

चीन के लिए क्यों बढ़ी चुनौती?
चीन लंबे समय से हिंद महासागर को अपनी जागीर समझने की गलती करता रहा है। उसके 'जासूसी जहाज' कभी श्रीलंका तो कभी मालदीव के पास मंडराते रहते हैं। लेकिन अब भारतीय नौसेना की रणनीति साफ है— "निगरानी भी होगी और ज़रूरत पड़ी तो कड़ा जवाब भी मिलेगा।" इन 19 नए जंगी जहाजों के आने से भारत की पेट्रोलिंग (निगरानी) करने की क्षमता पहले से कई गुना बढ़ जाएगी।

आखिरी बात...
आने वाला समय समुद्र में वर्चस्व का है। जिसके पास समंदर की चाबी होगी, दुनिया उसकी सुनेगी। भारत ने इस दिशा में एक बड़ा और साहसी कदम बढ़ा दिया है। 2026 तक नौसेना जिस रूप में होगी, वो किसी भी दुश्मन के मन में खौफ पैदा करने के लिए काफी है।

हमारी नेवी की इस उपलब्धि पर आप क्या सोचते हैं? क्या आपको भी लगता है कि चीन को उसकी औकात दिखाने के लिए भारत की ये तैयारी सही समय पर ली गई है? हमें कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।