पोखरण के आसमान में गूंजी भारत की हुंकार राष्ट्रपति मुर्मू ने देखा वायुसेना का शक्ति प्रदर्शन, राफेल और तेजस ने दागी मिसाइलें
News India Live, Digital Desk: रेगिस्तान की तपती रेत और पोखरण की ऐतिहासिक धरती एक बार फिर भारतीय वायुसेना के पराक्रम की गवाह बनी। राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने 'वायु शक्ति-2026' युद्धाभ्यास का निरीक्षण किया। उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायुसेना प्रमुख भी मौजूद रहे। इस अभ्यास के जरिए वायुसेना ने यह साबित कर दिया कि वह किसी भी दुश्मन को पलक झपकते ही खाक करने की क्षमता रखती है।
1. राष्ट्रपति ने देखा 'मेक इन इंडिया' का दम
राष्ट्रपति मुर्मू ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में बने ऑब्जर्वेशन पोस्ट से वायुसेना की मारक क्षमता को देखा।
फाइटर जेट्स का जलवा: राफेल (Rafale), सुखोई-30 MKI और स्वदेशी तेजस (Tejas) ने आसमान में करतब दिखाते हुए सटीक लक्ष्य पर निशाना साधा।
मिसाइल अटैक: हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों और सटीक बमबारी (Precision Bombing) ने काल्पनिक दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। [1.1, 2.2]
हेलीकॉप्टर ड्रिल: प्रचंड (Prachand) और अपाचे (Apache) हेलीकॉप्टरों ने अपनी 'टैंक किलर' क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
2. 'वायु शक्ति-2026' की मुख्य विशेषताएं
यह युद्धाभ्यास दिन और रात दोनों समय की ऑपरेशनल क्षमता को परखने के लिए डिजाइन किया गया था:
नेटवर्क केंद्रित युद्ध: इसमें उन्नत रडार प्रणाली और ड्रोन (Drones) का इस्तेमाल कर दुश्मन की लोकेशन ट्रेस करने की तकनीक का प्रदर्शन हुआ।
स्वदेशी ताकत: अभ्यास में 100 से अधिक विमानों ने हिस्सा लिया, जिनमें से अधिकांश भारत में निर्मित थे, जो 'आत्मनिर्भर भारत' की तस्वीर पेश करते हैं। [2.4, 3.1]
आकाश मिसाइल: जमीन से हवा में मार करने वाली 'आकाश' मिसाइल प्रणाली ने दुश्मन के हवाई खतरों को बीच रास्ते में ही मार गिराने की अपनी क्षमता दिखाई।
3. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन
रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भारत अब केवल रक्षा सामग्री का आयातक नहीं, बल्कि एक मजबूत निर्यातक और निर्माता बन रहा है। उन्होंने वायुसेना के जांबाजों के हौसले की सराहना की और राष्ट्रपति के आगमन को सेना के मनोबल के लिए मील का पत्थर बताया। [3.2, 4.1]
4. राजस्थान के लिए गर्व का क्षण
पोखरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने राजस्थान की पर्यटन क्षमता के साथ-साथ सामरिक महत्व को भी रेखांकित किया। स्थानीय लोगों ने भी दूर से लड़ाकू विमानों की गर्जना और आसमान में बनती सफेद लकीरों को देखकर गर्व महसूस किया।