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March 12 2026 09:51 am

होर्मुज स्ट्रेट बंद, पर भारत के हौसले बुलंद! तेल और गैस सप्लाई के लिए सरकार का 'प्लान-बी' तैयार; पैनिक बुकिंग की जरूरत नहीं

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नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) के बंद होने के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल (Crude Oil) और गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। भारत ने तेजी से अपनी रणनीति बदलते हुए उन वैकल्पिक रास्तों को सक्रिय कर दिया है, जहां से कच्चा तेल बिना किसी बाधा के भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का 70 फीसदी आयात अब दूसरे सुरक्षित रास्तों से हो रहा है।

क्रूड सप्लाई: संकट के बीच भारत की 'एनर्जी सुरक्षा' के प्रमुख आंकड़े

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि देश की दैनिक खपत 55 लाख बैरल है और इसे पूरा करने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं।

विवरणवर्तमान स्थिति
आयात का वैकल्पिक रास्ता70% क्रूड अब होर्मुज के बजाय दूसरे रास्तों से आ रहा है।
दैनिक तेल खपत55 लाख बैरल (पूरी तरह सुरक्षित)।
LPG आयात निर्भरता60% (जिसका 90% हिस्सा आमतौर पर होर्मुज से आता था)।
डिलीवरी साइकिलघरेलू गैस के लिए मात्र ढाई (2.5) दिन

सरकार के 3 बड़े 'मास्टरस्ट्रोक' कदम

सप्लाई चेन में किसी भी संभावित रुकावट को रोकने के लिए मंत्रालय ने 'इमरजेंसी मोड' में ये निर्णय लिए हैं:

नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर: सरकार ने प्राथमिकता तय कर दी है। रिफाइनरीज और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को अपने उपयोग में 35% की कटौती करने को कहा गया है ताकि घरेलू रसोई गैस और जरूरी सेक्टर्स को पूरी सप्लाई मिल सके।

उत्पादन में तेजी: 8 मार्च को जारी आदेश के बाद घरेलू तेल कंपनियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम क्षमता तक बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

नए कार्गो रास्ते में: वर्तमान स्थिति को और मजबूत करने के लिए एलएनजी (LNG) के दो बड़े कार्गो पहले से ही समुद्र में हैं और जल्द ही भारत पहुंचेंगे।

"डरें नहीं, पैनिक बुकिंग न करें"

सुजाता शर्मा ने साफ शब्दों में कहा है कि कुछ लोग गलत जानकारी (Misinformation) के कारण जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं या जमाखोरी कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि घरेलू एलपीजी की डिलीवरी का चक्र अभी भी ढाई दिन का ही है, इसलिए घर में एक्स्ट्रा सिलेंडर भरने की कोई आवश्यकता नहीं है।

कालाबाजारी पर रहेगी पैनी नजर

मंत्रालय ने राज्य सरकारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे ईंधन की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई करें। अगर कोई गैस एजेंसी या डीलर किल्लत का बहाना बनाकर ज्यादा पैसे वसूलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, भारत ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट के बीच अपनी 'तेल की कूटनीति' को इस तरह सेट किया है कि आम आदमी की रसोई पर इसका आंच न आए। तो निश्चिंत रहिए, आपका चूल्हा जलता रहेगा!

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