Indian Railways new rules: Vande Bharat जैसी ट्रेनों में अब नहीं मिलेगा RAC टिकट, बुजुर्गों-महिलाओं को मिलेगी निचली बर्थ, जानिए नए नियम

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नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को पहले से ज्यादा आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के लिए अपने नियमों में कई बड़े और ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि वंदे भारत (स्लीपर) जैसी प्रीमियम ट्रेनों में आरएसी (RAC) टिकट की व्यवस्था को अब पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि अब यात्रियों को ‘आधी सीट’ पर सिकुड़कर सफर करने की मजबूरी नहीं होगी। रेलवे का लक्ष्य आधुनिक ट्रेनों में सभी को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराना है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा सुखद बन सके।

वंदे भारत स्लीपर में सिर्फ 'कंफर्म टिकट' का राज


रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नए सर्कुलर के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में अब वेटिंग या आरएसी का कोई झंझट नहीं होगा। इन ट्रेनों में केवल कंफर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे, ताकि हर यात्री को पूरी बर्थ मिल सके। इसके अलावा, इन प्रीमियम ट्रेनों में सफर करने के लिए कम से कम 400 किलोमीटर की दूरी का टिकट लेना अनिवार्य होगा। साधारण ट्रेनों के किराए में भी बदलाव किया गया है, जहां स्लीपर क्लास के लिए न्यूनतम 200 किमी (₹149) और सेकंड क्लास के लिए 50 किमी (₹36) का किराया देना होगा।

कोटा सिस्टम में बड़ा बदलाव, सिर्फ 3 श्रेणियों को मिलेगी प्राथमिकता


रेलवे ने रिजर्वेशन के नियमों को और भी सख्त बना दिया है। अब स्लीपर क्लास में कम दूरी का सफर करने पर भी यात्रियों को न्यूनतम 200 किलोमीटर का किराया चुकाना होगा, भले ही उनकी यात्रा 100 किलोमीटर की ही क्यों न हो। इसके साथ ही रिजर्वेशन और सुपरफास्ट चार्ज अलग से देना होगा।

इसके अलावा, कोटा व्यवस्था में भी एक बड़ा फेरबदल किया गया है। अब कोच के भीतर विशेष कोटे का लाभ केवल तीन श्रेणियों को मिलेगा:

  1. दिव्यांग व्यक्ति
  2. महिलाएं
  3. वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens)

अन्य सभी प्रकार के कोटे खत्म कर दिए गए हैं, जिससे सामान्य यात्रियों के लिए बर्थ आवंटन की प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी और सरल हो जाएगी।

बुजुर्गों और महिलाओं के लिए खुशखबरी, आसानी से मिलेगी लोअर बर्थ


रेलवे बोर्ड ने वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत दी है। नए सिस्टम के तहत, अब टिकट बुकिंग के दौरान 60 साल से अधिक उम्र के पुरुषों और 45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर निचली बर्थ (Lower Berth) आवंटित करने का प्रयास किया जाएगा। डीआरएम सुनील कुमार वर्मा के अनुसार, यह व्यवस्था बर्थ की उपलब्धता के आधार पर काम करेगी, ताकि बुजुर्ग यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने-उतरने में कोई परेशानी न हो। साथ ही, छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली माताओं को भी सीट आवंटन में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।