Indian cricket : जब एक इंसान के लिए रोया था पूरा देश ,12 साल बाद भी क्यों याद आता है सचिन की विदाई का वो दिन?
क्रिकेट का वो दिन, जब थम गया था पूरा देश: आज भी कानों में गूंजता है 'सचिन... सचिन...'
आज 16 नवंबर है। यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के एक युग के अंत का दिन है। 12 साल पहले, 2013 में आज ही के दिन मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में कुछ ऐसा हुआ था, जिसने हर क्रिकेट फैन की आंखों में आंसू ला दिए थे। क्रिकेट के 'भगवान' कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने इसी दिन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।
वो आखिरी पल...
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया वो टेस्ट मैच सिर्फ एक मैच नहीं था, बल्कि एक भावुक विदाई थी। जब सचिन आखिरी बार बैटिंग करके पवेलियन लौट रहे थे, तो सिर्फ मैदान में बैठे दर्शक ही नहीं, बल्कि टीवी पर देख रहा हर भारतीय भावुक था। माहौल में सिर्फ एक ही आवाज गूंज रही थी- "सचिन... सचिन..."। ऐसा लग रहा था मानो वक्त थम सा गया हो।
22 गज की पिच को आखिरी सलाम
मैच खत्म होने के बाद सचिन ने जो किया, वह हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गया। उन्होंने नम आंखों से अपनी कर्मभूमि, उस 22 गज की पिच को झुककर प्रणाम किया। वो एक ऐसा दृश्य था, जिसे देखकर किसी का भी गला भर आए। वो पिच को सिर्फ छू नहीं रहे थे, बल्कि अपने 24 साल के लंबे और सुनहरे करियर को धन्यवाद दे रहे थे।
वो भाषण जिसने सबको रुला दिया
इसके बाद सचिन ने हाथ में माइक थामा और अपना विदाई भाषण दिया। उन्होंने अपने परिवार, अपने कोच, अपने साथी खिलाड़ियों और सबसे बढ़कर अपने करोड़ों फैंस का शुक्रिया अदा किया। उनकी आवाज में भावनाओं का एक सैलाब था। उन्होंने जब कहा, "मेरे जीवन के अंत तक... मेरे कानों में 'सचिन... सचिन...' गूंजता रहेगा," तो पूरा स्टेडियम रो पड़ा। वो सिर्फ सचिन के आंसू नहीं थे, बल्कि पूरे देश के आंसू थे जो क्रिकेट के सबसे बड़े सितारे को विदा कर रहा था।
12 साल बीत गए हैं, क्रिकेट बहुत बदल गया है, नए सितारे आ गए हैं, लेकिन सचिन की जगह कोई नहीं ले पाया। आज भी जब कहीं 'सचिन... सचिन...' का शोर सुनाई देता है, तो लगता है जैसे वो आज भी मैदान पर मौजूद हैं।