Indian Army : दुश्मन कान खोलकर सुन ले भारतीय सेना की तैयारी, इस बार चूक हुई तो अंजाम बहुत बुरा होगा

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News India Live, Digital Desk: हमारी तैयारी पूरी है, और इस बार अगर दुश्मन ने कोई भी हिमाकत की तो जवाब पहले से कहीं ज़्यादा जोरदार और गंभीर होगा।" ये महज़ कोई बयान नहीं, बल्कि भारतीय सेना की फौलादी आवाज़ है, जो सीधे दुश्मन के कानों तक पहुँच रही है। सेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने ये साफ और सीधा संदेश पाकिस्तान को दिया है।

यह कड़ी चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भारतीय सेना हरिद्वार के पास 'राम प्रहार' नाम का एक बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है। यह अभ्यास महज़ एक रुटीन ट्रेनिंग नहीं, बल्कि दुश्मन को यह दिखाने का एक तरीका है कि भारतीय सेना कितनी तैयार है और उसकी ताकत क्या है।

क्या है 'राम प्रहार' युद्धाभ्यास?

'राम प्रहार' महज़ ज़मीन पर लड़ी जाने वाली लड़ाई का अभ्यास नहीं है। यह भविष्य के युद्ध की तैयारी है, जहाँ तकनीक सबसे बड़ा हथियार होती है। इस अभ्यास में सेना की अलग-अलग टुकड़ियाँ, जैसे पैदल सेना, तोपखाना और इंजीनियरिंग कोर एक साथ मिलकर लड़ने का अभ्यास कर रही हैं।

सबसे ख़ास बात यह है कि इस अभ्यास में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक संचार प्रणालियों का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि battlefield में हमारी सेना के पास दुश्मन से जुड़ी हर जानकारी हो और वो तेज़ी से सही फैसले ले सके। इस अभ्यास में टैंक, हेलीकाप्टर और स्पेशल फाॅर्स की टीमें भी शामिल हैं, जो किसी भी हालात में दुश्मन को धूल चटाने के लिए तैयार हैं।

जनरल कटियार का सीधा संदेश

पश्चिमी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने कहा, “हमारे नेतृत्व ने पहले ही साफ कर दिया है और मैं उसी बात को दोहरा रहा हूं कि अगर दुश्मन ने उकसाने वाली कोई भी हरकत की, तो उसे ऐसा जवाब मिलेगा जो उसने सोचा भी नहीं होगा। ये सारी तैयारियाँ उसी के लिए की जा रही हैं।”उनका यह बयान साफ़ करता है कि भारतीय सेना अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लड़ाई चाहे कितनी भी हाई-टेक क्यों न हो जाए, असली जीत ज़मीन पर कब्ज़ा करके ही मिलती है, और भारतीय सेना इसके लिए पूरी तरह से सक्षम है।

आज जब भारत 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत अपने हथियार खुद बना रहा है, तब सेना का यह आत्मविश्वास और भी बढ़ गया है। 'राम प्रहार' युद्धाभ्यास इस बात का सबूत है कि भारतीय सेना न केवल सीमाओं की रक्षा के लिए, बल्कि दुश्मन के घर में घुसकर उसे सबक सिखाने के लिए भी पूरी तरह से तैयार है।