भारत अब रूस से नहीं खरीदेगा तेल? ट्रंप के एक दावे ने दुनिया में मचा दी खलबली!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने भारत की विदेश नीति को लेकर दिल्ली से लेकर मॉस्को तक खलबली मचा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत जल्द ही रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा!
यह बयान इतना बड़ा है कि अगर इसमें ज़रा भी सच्चाई है, तो यह रूस के लिए एक बहुत बड़ा आर्थिक झटका होगा और भारत-रूस के ऐतिहासिक रिश्तों में एक बड़ी दरार डाल सकता है।
ट्रंप ने और क्या कहा?
एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा, "मोदी एक महान व्यक्ति हैं। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि रूस से कोई तेल खरीद नहीं होगी।" हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह काम तुरंत नहीं होगा, "यह एक लंबी प्रक्रिया है, लेकिन यह प्रक्रिया जल्द ही खत्म होने वाली है।"
ट्रंप ने कहा कि भारत का यह कदम रूस को दुनिया में आर्थिक रूप से अकेला करने की दिशा में एक 'बहुत बड़ा कदम' होगा।
क्या यह सच है या सिर्फ ट्रंप का एक और जुमला?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रंप के इस दावे में कोई सच्चाई है? क्योंकि भारत की तरफ से इस पर अब तक चुप्पी साधी गई है।
- दावे पर शक क्यों है?
- ट्रंप की आदत: यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसे बड़े दावे किए हैं। वे पहले भी भारत को लेकर ऐसे ही बयान दे चुके हैं, जिन्हें बाद में भारत सरकार ने खारिज कर दिया था।
- भारत की मज़बूत नीति: अमेरिका के भारी दबाव और धमकियों के बावजूद भारत लगातार रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है। भारत हमेशा से कहता आया है कि वह अपनी ऊर्जा ज़रूरतें वहाँ से पूरी करेगा, जहाँ उसे सबसे अच्छी कीमत मिलेगी, क्योंकि यह उसके राष्ट्रहित में है।
अमेरिका का दोहरा खेल: दोस्ती भी, धमकी भी
यह कहानी और भी दिलचस्प हो जाती है जब हम देखते हैं कि ट्रंप का भारत के प्रति रवैया कितना विरोधाभासी है।
- एक तरफ तारीफ: वे पीएम मोदी को "महान व्यक्ति" कह रहे हैं।
- दूसरी तरफ धमकी: सिर्फ अगस्त में ही, ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर 50% का भारी-भरकम टैक्स (टैरिफ) लगाने का ऐलान किया था, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया था।
अब आगे क्या?
जब तक भारत सरकार इस पर कुछ नहीं कहती, तब तक यह कहना मुश्किल है कि क्या पीएम मोदी ने वाकई ऐसा कोई आश्वासन दिया है, या यह सिर्फ ट्रंप का अपनी राजनीति चमकाने का एक और तरीका है। लेकिन एक बात तो तय है, इस एक बयान ने दुनिया भर के कूटनीतिक गलियारों में एक नई बहस ज़रूर छेड़ दी है।