India Forex Reserves : RBI ने रातों-रात बाज़ार में क्यों बेच दिए 3.66 अरब डॉलर? वजह जानकर आप भी कहेंगे शुक्रिया

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News India Live, Digital Desk: India Forex Reserves : हम सब अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इतने व्यस्त रहते हैं कि कभी यह सोचते ही नहीं कि जिस रुपये से हम अपना घर चलाते हैं, उसकी क़ीमत को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कौन बचाता है? जब डॉलर के मुक़ाबले रुपया कमज़ोर होता है, तो पेट्रोल, डीज़ल से लेकर मोबाइल फ़ोन और विदेश घूमना तक, सब कुछ महंगा हो जाता है।

लेकिन आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि हमारे रुपये का एक बहुत मज़बूत 'बॉडीगार्ड' है - भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)। हाल ही में RBI ने एक बार फिर अपना यही फ़र्ज़ निभाया और रुपये को ज़्यादा कमज़ोर होने से बचा लिया।

जून के महीने में क्या हुआ था?

जून के महीने में, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कुछ उथल-पुथल के कारण भारतीय रुपये पर काफ़ी दबाव बन रहा था। कई कारणों से डॉलर की माँग बढ़ गई थी, जिससे रुपये की क़ीमत के गिरने का ख़तरा पैदा हो गया था। अगर RBI कुछ नहीं करता, तो इसका सीधा असर हमारी और आपकी जेब पर पड़ना तय था।

RBI ने कैसे संभाली बाज़ी?

ऐसे नाज़ुक मौक़े पर RBI एक बड़े खिलाड़ी की तरह मैदान में उतरा। RBI के पास 'विदेशी मुद्रा भंडार' नाम की एक बहुत बड़ी तिजोरी है, जिसमें अरबों डॉलर और दूसरी विदेशी मुद्राएँ रखी होती हैं। यह तिजोरी बुरे वक़्त में देश की अर्थव्यवस्था को संभालने के काम आती है।

RBI ने इसी तिजोरी का दरवाज़ा खोला और बाज़ार में डॉलर बेचना शुरू कर दिया। आँकड़ों के मुताबिक़, RBI ने जून महीने में कुल 3.66 अरब डॉलर (यानी लगभग 30,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा) बाज़ार में बेचे।

डॉलर बेचने से रुपया कैसे मज़बूत होता है? समझिए आसान भाषा में

अब आप सोच रहे होंगे कि डॉलर बेचने से रुपये को क्या फ़ायदा? इसका सिद्धांत बहुत सरल है: माँग और आपूर्ति (Demand and Supply)

  • जब बाज़ार में किसी चीज़ (यहाँ डॉलर) की माँग बहुत ज़्यादा हो और वह चीज़ कम हो, तो उसकी क़ीमत बढ़ जाती है।
  • ऐसे में RBI ने बाज़ार में डॉलर की 'सप्लाई' यानी आपूर्ति बढ़ा दी।
  • जब बाज़ार में डॉलर आसानी से उपलब्ध होने लगे, तो उसकी बढ़ती क़ीमत पर लगाम लग गई, जिससे रुपया ज़्यादा गिरने से बच गया।

यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे जब बाज़ार में प्याज़ की कमी हो जाती है और वह महंगा हो जाता है, तो सरकार अपने गोदामों से प्याज़ निकालकर बाज़ार में ले आती है, जिससे क़ीमतें कंट्रोल में आ जाती हैं।

RBI का यह एक क़दम यह सुनिश्चित करता है कि रुपये की क़ीमत स्थिर बनी रहे और देश में महँगाई अचानक से न बढ़ जाए। तो अगली बार जब आप रुपये की स्थिरता के बारे में सुनें, तो याद रखिएगा कि इसके पीछे RBI चुपचाप अपना काम कर रहा है।