India-China bilateral talks : चीन में मिले पीएम मोदी और शी जिनपिंग, क्या हैं इस अहम मुलाक़ात के मायने

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News India Live, Digital Desk:  India-China bilateral talks : सात साल के लंबे इंतज़ार के बाद आख़िरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन पहुँच ही गए। उनकी यह यात्रा शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के लिए हो रही है, लेकिन पूरी दुनिया की नज़रें उनकी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाक़ात पर टिकी थीं। रविवार को तिआनजिन शहर के यिंगबिन होटल में दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक द्विपक्षीय बातचीत हुई।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में काफ़ी तनाव आ गया था। हालाँकि, पिछले कुछ समय से रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशें चल रही हैं, और यह मुलाक़ात उसी दिशा में एक बड़ा क़दम मानी जा रही है। पिछले 10 महीनों में मोदी और जिनपिंग की यह दूसरी मुलाक़ात है।इससे पहले दोनों नेता रूस में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मिले थे।

बातचीत में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आपसी विश्वास और सम्मान को संबंधों का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सीमा पर सैनिकों के पीछे हटने से शांति का माहौल बना है। दोनों नेताओं के बीच सीमा प्रबंधन, व्यापार और आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। अच्छी ख़बर यह है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी बहाल करने पर बात आगे बढ़ी है।

पीएम मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत और चीन, दोनों देशों के लगभग 2.8 अरब लोगों के हित एक-दूसरे के सहयोग से जुड़े हैं और यह पूरी मानवता के लिए भी अच्छा होगा।

इस मुलाक़ात को क्यों माना जा रहा है ख़ास?

कुल मिलाकर, यह बैठक सिर्फ़ एक औपचारिक मुलाक़ात नहीं है, बल्कि भारत-चीन संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है। अब देखना यह होगा कि इस बातचीत का असर ज़मीनी स्तर पर कितना दिखाई देता है।