भारत बना सोने का बाज़ीगर, सरकारी खजाने में भरा इतना सोना कि दुनिया देख रही है!
आजकल दुनिया में थोड़ी उथल-पुथल मची हुई है। जब भी ऐसा होता है, तो बड़े-बड़े देश एक ही चीज़ पर भरोसा करते हैं - सोना! सोना एक ऐसा पक्का दोस्त है जो मुश्किल समय में हमेशा काम आता है। और आपको जानकर खुशी होगी कि इस भरोसेमंद दोस्त को अपने पास रखने की दौड़ में भारत भी किसी से पीछे नहीं है।
भारत का रिज़र्व बैंक (RBI) चुपचाप इतना सोना खरीद रहा है कि देश का खजाना सोने से भर गया है, और भारत दुनिया के सबसे ज़्यादा सोना रखने वाले देशों की टॉप लिस्ट में और ऊपर चढ़ गया है।
कौन हैं दुनिया के 10 सबसे बड़े सोने के खिलाड़ी?
इस दौड़ में अमेरिका तो भैया, सबसे आगे है। उसके पास इतना सोना है कि बाकी सब बहुत पीछे हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि भारत भी अब इस लिस्ट में 8वें नंबर पर आ गया है, और जापान जैसे अमीर देश को भी हमने पीछे छोड़ दिया है।
देखिए, किसके पास कितना सरकारी सोना है (जनवरी 2026 के हिसाब से):
- अमेरिका: 8,133.5 टन
- जर्मनी: 3,350.2 टन
- इटली: 2,451.8 टन
- फ्रांस: 2,437.0 टन
- रूस: 2,332.7 टन
- चीन: 2,303.5 टन
- स्विट्जरलैंड: 1,039.9 टन
- भारत: 880.2 टन
- जापान: 846.0 टन
- नीदरलैंड्स: 612.5 टन
पर भारत इतना सोना खरीद क्यों रहा है? इससे हमें क्या फायदा?
इसके पीछे एक बहुत गहरी और सोची-समझी चाल है।
- रुपये को मिलती है मजबूती: जब हमारे पास ज़्यादा सोना होता है, तो हमारी करेंसी (रुपया) भी दुनिया की नज़र में मजबूत होती है।
- मुश्किल वक्त का सहारा: जब दुनिया में डॉलर ऊपर-नीचे होता है या कोई और टेंशन होती है, तो यही सोना हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सेफ्टी जैकेट का काम करता है।
- बढ़ता है देश का रुतबा: आज भारत के पास 880 टन से ज़्यादा सरकारी सोना है, जो पूरी दुनिया में हमारी आर्थिक ताकत और साख को बढ़ाता है।
लेकिन रुकिए, असली कहानी तो कुछ और ही है!
ये तो सिर्फ सरकारी आंकड़ा है। असली कहानी तो हम भारतीयों के घरों, लॉकरों और मंदिरों में छिपी है। अगर इन सभी जगहों पर रखे सोने को जोड़ लिया जाए, तो कहा जाता है कि यह 25,000 टन से भी ज़्यादा हो सकता है। उस हिसाब से तो अमेरिका भी हमारे सामने कहीं नहीं टिकेगा।