ब्रिटेन में गर्मी से पिघली पटरियां! 24 घंटे में दो बड़े ट्रेन हादसों से मचा हड़कंप, यात्राएं ठप

ब्रिटेन में गर्मी से पिघली पटरियां! 24 घंटे में दो बड़े ट्रेन हादसों से मचा हड़कंप, यात्राएं ठप

ब्रिटेन इन दिनों भीषण गर्मी और हीटवेव (Heatwave in UK) की चपेट में है, जिसके कारण वहां का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आलम यह है कि गर्मी का असर अब सीधे तौर पर परिवहन व्यवस्था पर दिखने लगा है और तपती पटरियों के कारण ट्रेनों के बेपटरी होने की दर्दनाक घटनाएं सामने आ रही हैं। देश के रेल नेटवर्क में महज 24 घंटे के भीतर दो बड़े ट्रेन हादसे होने से पूरे देश में हड़कंप मच गया है। इस विकट स्थिति ने ब्रिटिश रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।

24 घंटे में दो बड़े हादसे: कैसे पलटीं पटरियां?

पिछले 24 घंटों के अंतराल में ब्रिटेन के रेल नेटवर्क पर दो अलग-अलग जगहों पर ट्रेनें पटरी से उतर गईं। पहली दुर्घटना पूर्वी ससेक्स के लेवेस (Lewes) इलाके के पास हुई, जहां लंदन विक्टोरिया से आ रही एक पैसेंजर ट्रेन के कई डिब्बे अचानक ट्रैक से उतरकर पलट गए। इस भीषण हादसे में कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। इस घटना की दहशत अभी कम भी नहीं हुई थी कि इसके अगले ही दिन एसेक्स (Essex) के विकफर्ड रेलवे स्टेशन के पास ग्रेटर एंग्लािया की एक और ट्रेन के पिछले डिब्बे पटरी से उतर गए। गनीमत यह रही कि दूसरे हादसे में किसी बड़े जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने यात्रियों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है।

रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और तपती पटरियों का खौफनाक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इन हादसों के पीछे ब्रिटेन में पड़ रही भीषण गर्मी और तापमान का बहुत बड़ा हाथ है। समर हीटवेव के दौरान जब सूरज की तेज किरणें सीधे लोहे की पटरियों पर पड़ती हैं, तो ट्रैक का तापमान हवा के तापमान से करीब 20 डिग्री सेल्सियस तक अधिक हो जाता है। अत्यधिक गर्मी के कारण स्टील की पटरियां फैलने लगती हैं और मुड़ने लगती हैं, जिसे तकनीकी भाषा में 'ट्रैक बकलिंग' (Track Buckling) कहा जाता है। जब तेज रफ्तार ट्रेन इन टेढ़ी-मेढ़ी या फैली हुई पटरियों से गुजरती है, तो संतुलन बिगड़ जाता है और भयानक ट्रेन डिरेलमेंट (Train Derailment) जैसी दुर्घटनाएं घटित हो जाती हैं।

नेटवर्क रेल की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

लगातार हो रहे इन हादसों के बाद ब्रिटेन की रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी 'नेटवर्क रेल' (Network Rail) और अन्य ऑपरेटर्स की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं और स्थानीय सांसदों ने पटरियों के मेंटेनेंस और सुरक्षा ऑडिट को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, नेटवर्क रेल के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने गर्मी से निपटने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए थे और तापमान की निगरानी भी की जा रही थी। बावजूद इसके, इस तरह की प्राकृतिक और तकनीकी चुनौतियों से पूरी तरह से पार पाना रेलवे प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है, जिसकी वजह से रेल यात्राएं बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं।

यातायात पूरी तरह ठप, यात्रियों को हो रही भारी परेशानी

इन दोनों दर्दनाक हादसों के बाद ब्रिटेन के कई मुख्य रेल रूटों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। लंदन को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण लाइनों पर ट्रेनों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। हजारों की संख्या में यात्री स्टेशनों पर फंसे हुए हैं और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यात्रियों को अत्यधिक जरूरी होने पर ही यात्रा करने और घर से निकलने से पहले रूट की स्थिति जांचने की सलाह दी है, जबकि रेल एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (RAIB) पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

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