आजम खान को गृह मंत्री बनाएंगे, यानी ये फिर दंगा करवाना चाहते हैं'.. शिवपाल के बयान पर भड़के सीएम योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग पूरी तरह तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदेश में सरकार बनने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे बयानों से साफ जाहिर होता है कि इनकी मानसिकता क्या है और ये लोग सत्ता में आकर एक बार फिर राज्य में दंगे करवाना चाहते हैं। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने सपा के इस वैचारिक रुख को लेकर जमकर हमला बोला और कहा कि जनता इनके मंसूबों को अच्छी तरह समझती है।
शिवपाल यादव के बयान से गरमाई यूपी की सियासी फिजा
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक शिवपाल यादव ने रामपुर जेल में बंद वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात करने के बाद एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान शिवपाल यादव ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत से सरकार बनेगी, अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को राज्य का गृह मंत्री बनाया जाएगा। शिवपाल के इस बयान के सामने आने के बाद से ही उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई और विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ताधारी दल बीजेपी ने भी इसे आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा इस बयान के जरिए अपने पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक को यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि पार्टी हर परिस्थिति में अपने नेताओं के साथ मजबूती से खड़ी है।
सीएम योगी का कड़ा प्रहार, कहा- दंगाइयों और राष्ट्र विरोधी ताकतों को बढ़ावा दे रही सपा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए बिना किसी का नाम लिए समाजवादी पार्टी के इस वैचारिक चरित्र पर तीखा कटाक्ष किया। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के नाम पर विश्वविद्यालय बनाते हैं और उनका समर्थन करते हैं, आज वही पार्टी उनके पक्ष में बड़ी-बड़ी बातें कर रही है। मुख्यमंत्री ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा, 'ये लोग कह रहे हैं कि सरकार आने पर उन्हें गृह मंत्री बनाएंगे, जिसका सीधा मतलब यह है कि ये लोग प्रदेश में एक बार फिर से दंगे और अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते हैं'। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पहले किस तरह से दंगाइयों को सत्ता का संरक्षण दिया जाता था और तत्कालीन मुख्यमंत्रियों के आवास पर बुलाकर उनका सम्मान किया जाता था।
कानून व्यवस्था और तुष्टिकरण की राजनीति पर बड़ा हमला
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने पिछली सरकारों के दौर में डर, भय और दंगों का वह काला दौर बहुत नजदीक से देखा है। बीजेपी सरकार में पिछले कुछ वर्षों से राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ है और किसी भी उपद्रवी या दंगाई को बख्शा नहीं गया है। सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकास, सुरक्षा और सुशासन के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन विपक्ष के कुछ नेताओं के बयानों से उनकी पुरानी मानसिकता और विभाजनकारी सोच साफ झलकती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसी ताकतों को पहचानें जो प्रदेश की शांति व्यवस्था को बिगाड़कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहती हैं।
2027 के चुनावों से पहले यूपी की राजनीति में बढ़ी गर्माहट
जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनावों का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच बयानों के तीर भी तेज होते जा रहे हैं। शिवपाल यादव के बयान और उस पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कड़े पलटवार ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में राज्य की सियासत और अधिक आक्रामक होने वाली है। एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी अपने समीकरणों को साधने और मुस्लिम मतदाताओं में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए मुखर रुख अपना रही है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सुरक्षा, राष्ट्रवाद और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को सबसे आगे रखकर आक्रामक तेवर अपनाए हुए है। यह बयानबाजी आने वाले चुनावी रण का मुख्य एजेंडा तय करती नजर आ रही है।