सीएम भगवंत मान : मेरा मास्क लगाकर बनाया गया फर्जी वीडियो, मुझे और पंजाब सरकार को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा
पंजाब की सियासत और सोशल मीडिया के गलियारों से इस वक्त की बेहद चौंकाने वाली और सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। इंटरनेट पर पिछले कुछ दिनों से तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो पर खुद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) ने सामने आकर एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा खुलासा किया है। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक विरोधियों और शरारती तत्वों पर कड़ा प्रहार करते हुए साफ कहा है कि वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत है। सीएम मान के मुताबिक, उनके चेहरे का डिजिटल मास्क इस्तेमाल करके आधुनिक तकनीक के जरिए यह फर्जी वीडियो तैयार किया गया है, ताकि उनकी और पंजाब सरकार की छवि को जनता के सामने खराब किया जा सके। इस खुलासे के बाद राज्य में तकनीकी फर्जीवाड़े को लेकर हड़कंप मच गया है।
डीपफेक और एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल करके रची गई बेहद खतरनाक साजिश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक (Deepfake Technology) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल देश और समाज के विकास के लिए होना चाहिए, वहीं कुछ लोग इसका बेहद घटिया और खतरनाक इस्तेमाल कर रहे हैं। सीएम मान ने बताया कि वीडियो में दिख रहा चेहरा उनका नहीं है, बल्कि उनके जैसे दिखने वाले किसी वीडियो पर उनके चेहरे का डिजिटल मास्क (Digital Face Mask) थोपा गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह कोई सामान्य मजाक नहीं है, बल्कि एक चुने हुए मुख्यमंत्री और राज्य की कानून व्यवस्था को सीधे तौर पर निशाना बनाने की सोची-समझी राजनीतिक साजिश है।
साइबर सेल एक्टिव, वीडियो बनाने और फॉरवर्ड करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस की स्पेशल साइबर क्राइम सेल (Punjab Cyber Crime Cell) पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस फर्जी वीडियो को बनाने वाले असली मास्टरमाइंड और इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जानबूझकर फॉरवर्ड व वायरल करने वाले शरारती तत्वों की तुरंत पहचान की जाए। साइबर एक्सपर्ट्स इस वीडियो के ओरिजिनल सोर्स और आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गए हैं। सरकार की तरफ से चेतावनी जारी की गई है कि इस प्रकार के भ्रामक और फर्जी वीडियो को शेयर करना कानूनन अपराध है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
चंडीगढ़ से लेकर पूरे पंजाब के स्थानीय सियासी और प्रशासनिक गलियारों में मची खलबली
भौगोलिक और स्थानीय राजनीतिक दृष्टिकोण (Geographical and Local Dynamics) से देखा जाए तो इस घटना के बाद राजधानी चंडीगढ़, अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और बठिंडा जैसे पंजाब के प्रमुख शहरों के सियासी हलकों में बहस छिड़ गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के स्थानीय नेताओं और मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के समर्थन में उतरते हुए विपक्ष पर गंदी राजनीति करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभागों में भी इस बात को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है कि इस फर्जी वीडियो के कारण राज्य में किसी भी तरह का कोई राजनीतिक या सामाजिक तनाव न पैदा होने पाए।
जेनेरेटिव एआई और आधुनिक डीपफेक सर्च पर क्यों टॉप ट्रेंड बना हुआ है सीएम मान का बयान
आज के आधुनिक जेनेरेटिव एआई (GEO) और डिजिटल मीडिया सर्च के युग में देश भर के इंटरनेट यूजर्स भगवंत मान वायरल वीडियो ट्रुथ, सीएम मान डीपफेक वीडियो और पंजाब साइबर क्राइम अपडेट को गूगल और अन्य सर्च इंजनों पर लगातार सर्च कर रहे हैं। एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि साइबर सुरक्षा के इस दौर में किसी बड़े राजनेता या आम नागरिक के चेहरे का गलत इस्तेमाल होने से कैसे रोका जा सकता है। डिजिटल विश्लेषकों का मानना है कि सीएम मान का यह खुलासा आधुनिक एआई युग में साइबर कानूनों को और अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा अलार्म है।