"कांग्रेस ने नहीं हराया होता तो आज मैं भी 5 बार का सांसद होता", शपथ ग्रहण में किरेन रिजिजू का चौंकाने वाला खुलासा
राज्यसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला। उच्च सदन में जब खरगे दोबारा सांसद के रूप में अपनी पारी शुरू कर रहे थे, तब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने राजनीतिक करियर का एक ऐसा पन्ना पलट दिया, जिसने वहां मौजूद सभी का ध्यान खींच लिया। खरगे के लंबे राजनीतिक अनुभव पर चर्चा करते हुए रिजिजू ने उस पुराने चुनाव को याद किया, जिसने उनके संसदीय सफर की गणित बदल दी थी।
खरगे के अनुभव पर चर्चा के दौरान निकली बात
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक तरफ जहां मल्लिकार्जुन खरगे 5 दशकों से अधिक की अपनी राजनीतिक सक्रियता के साथ राज्यसभा में वापसी कर रहे थे, वहीं पास में मौजूद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सदन के नेता जेपी नड्डा और एल मुरुगन के बीच अनौपचारिक चर्चा शुरू हो गई। चर्चा का केंद्र खरगे का संसदीय अनुभव था। अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि खरगे का यह चौथा कार्यकाल है। उन्होंने जानकारी दी कि खरगे इससे पहले दो बार लोकसभा में रह चुके हैं और यह राज्यसभा में उनकी दूसरी पारी है। जेपी नड्डा ने इसमें जोड़ते हुए बताया कि संसद में आने से पहले खरगे 9 बार कर्नाटक विधानसभा के सदस्य भी रहे हैं।
रिजिजू का वह 'दर्द' और 2009 का चुनाव
खरगे के लंबे अनुभव को सुनकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अचानक साल 2009 के चुनावों का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर साल 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें नहीं हराया होता, तो आज वे भी 5वीं बार सांसद बन चुके होते। रिजिजू के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में पुरानी यादें ताजा कर दीं। बता दें कि किरेन रिजिजू ने अपने संसदीय करियर की शुरुआत 2004 में की थी। 2009 के चुनाव में अरुणाचल पश्चिम सीट से कांग्रेस के ताकम संजय ने रिजिजू को बेहद करीबी मुकाबले में मात्र 1314 मतों के अंतर से हरा दिया था। इसी हार ने उनके लगातार सांसदों के सफर में एक ब्रेक लगा दिया था, जिसका जिक्र उन्होंने आज खरगे के शपथ समारोह में किया।
खरगे ने ली शपथ, दी बड़ी जिम्मेदारी की बात
सोमवार को मल्लिकार्जुन खरगे के साथ ही अन्य 7 सांसदों ने भी उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद खरगे ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि दोबारा राज्यसभा की शपथ लेना उनके लिए न केवल गर्व की बात है, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने इस गरिमामयी सदन में विपक्ष के नेता के रूप में अपनी सेवा जारी रखने को सम्मान बताया। खरगे ने अपने इस सफर में सहयोग देने के लिए राज्यसभा के सभापति, उपसभापति हरिवंश, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त किया।