झारखंड में मानसून का तांडव: रांची और धनबाद समेत कई जिलों में आज भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी

झारखंड में मानसून का तांडव: रांची और धनबाद समेत कई जिलों में आज भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी

झारखंड के लोगों को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिलने जा रही है। राज्य में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से एक्टिव हो गया है, जिसके कारण मौसम विभाग ने आज प्रदेश के एक बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। मौसम केंद्र रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज राजधानी रांची और कोयलांचल धनबाद समेत कई प्रमुख जिलों में आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा।

रांची और धनबाद में सुबह से ही छाए बादल, दोपहर बाद भारी बारिश की उम्मीद

राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही हैं और बादलों की आवाजाही जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और जमशेदपुर में दोपहर के बाद तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। इस मानसूनी बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिलेगी।

कई जिलों में वज्रपात और तेज आंधी-तूफान की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ राज्य के कई संवेदनशील जिलों के लिए आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का विशेष अलर्ट जारी किया है। संथाल परगना और उत्तरी झारखंड के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम केंद्र ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे मकानों से दूर रहें। विशेष रूप से किसानों को हिदायत दी गई है कि जब बादल गरज रहे हों, तो वे खेतों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

खेती-किसानी के लिए संजीवनी बनेगी यह मानसूनी बारिश

झारखंड में मानसून की इस रफ्तार से सबसे ज्यादा खुशी किसानों के चेहरे पर देखने को मिल रही है। जून और जुलाई के शुरुआती दिनों में कम बारिश होने की वजह से धान की रोपनी प्रभावित हो रही थी, लेकिन आज होने वाली इस व्यापक बारिश से खेतों को भरपूर पानी मिलेगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आगामी कुछ दिनों तक राज्य में इसी तरह झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो इस सीजन में फसलों की पैदावार काफी बेहतर हो सकती है। ग्रामीण और शहरी इलाकों के जलस्तर में भी इससे बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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