झारखंड में मानसून ने फिर पकड़ी तेज रफ्तार, IMD ने 18 अगस्त तक भारी बारिश और वज्रपात का जारी किया ऑरेंज अलर्ट

झारखंड में मानसून ने फिर पकड़ी तेज रफ्तार, IMD ने 18 अगस्त तक भारी बारिश और वज्रपात का जारी किया ऑरेंज अलर्ट

झारखंड के मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह से बदल गया है और लंबे समय से उमस भरी गर्मी से परेशान राज्यवासियों को बड़ी राहत मिलती नजर आ रही है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर से अपनी रफ्तार पकड़ ली है और कई जिलों में बादलों का डेरा जम गया है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने के कारण झारखंड के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने आगामी 18 अगस्त तक राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर ऑरेंज तथा येलो अलर्ट जारी किया है। यदि आप भी झारखंड के किसी भी जिले में रहते हैं और घर से बाहर निकलने की सोच रहे हैं, तो मौसम का यह ताजा और विस्तृत हाल आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि आज और आने वाले दिनों में झारखंड के किन इलाकों में भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है।

मानसून की री-एक्टिविटी और राज्य में छाए घने बादल

पिछले कुछ हफ्तों से झारखंड के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई थीं, जिसके कारण लोग तेज धूप और उमस भरी चिलचिलाती गर्मी से बेहाल हो रहे थे। खेतों में नमी कम होने से किसानों की चिंताएं भी बढ़ने लगी थीं। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब मानसून की टफ लाइन दोबारा अपनी सामान्य स्थिति में लौट आई है और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी से भरपूर हवाओं ने राज्य के वायुमंडल को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप राजधानी रांची समेत जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, पलामू और संताल परगना के विभिन्न इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। लगातार छाए बादलों और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम बेहद सुहाना हो गया है।

18 अगस्त तक इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के मुताबिक, 18 अगस्त तक झारखंड के लगभग सभी जिलों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। विशेष रूप से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, गुमला और खूंटी जैसे दक्षिणी तथा मध्य जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राजधानी रांची, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, और चतरा में भी रुक-रुक कर तेज मूसलाधार बौछारें पड़ने की उम्मीद है। इन सभी जिलों में बादलों की गरज के साथ-साथ तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है, जिसे लेकर प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

किसानों के चेहरे पर लौटी खुशी, धान की फसल को मिलेगा जीवनदान

झारखंड के कृषि प्रधान जिलों के लिए मानसून की यह सक्रियता किसी वरदान से कम नहीं है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में धान की रोपाई का काम चल रहा है और इस समय खेतों को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता थी। बारिश न होने के कारण कई जगहों पर किसानों के खेत सूखने लगे थे, जिससे उनकी फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई थी। अब इस व्यापक बारिश से खेतों में पानी भर जाएगा और धान की फसल को नया जीवनदान मिलेगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ की फसलों के विकास के लिए बेहद अनुकूल है और इससे इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है। किसानों में इस बात को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है कि समय पर बारिश होने से उनकी मेहनत रंग लाएगी।

खराब मौसम के दौरान मौसम विभाग की आम जनता को खास सलाह

चूंकि मौसम विभाग ने लगातार वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी दी है, इसलिए प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पूरी सतर्कता बरतें। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में जब आसमान में घने बादल छाए हों और बिजली चमक रही हो, तब किसानों और मवेशी चराने वालों को खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल भी शरण नहीं लेनी चाहिए। पक्के मकानों के अंदर रहना ही इस दौरान सबसे सुरक्षित उपाय है। इसके अलावा यात्रा करने वाले लोगों को भी खराब सड़कों और जलभराव वाले इलाकों से गुजरते समय सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले तीन-चार दिनों तक झारखंड में यह मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी, जिससे तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को गर्मी से पूरी तरह निजात मिलती रहेगी।

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