नीट परीक्षा पर हरियाणा में अभेद्य सुरक्षा का पहरा! QRT की तैनाती, टू-लेयर चेकिंग और मेटल डिटेक्टर के कड़े चक्रव्यूह के बीच शुरू हुए इम्तिहान
देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी' (NEET UG Exam) को लेकर इस बार सुरक्षा और गोपनीयता के मामले में बेहद कड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। हाल के दिनों में परीक्षाओं की शुचिता को लेकर खड़े हुए विवादों के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और हरियाणा राज्य प्रशासन ने मिलकर परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है जिसे भेद पाना किसी के लिए भी नामुमकिन होगा। हरियाणा के विभिन्न जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर इस बार परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, नकल विहीन और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की तैनाती से लेकर टू-लेयर चेकिंग और अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टरों का कड़ा पहरा लगाया गया है, जिससे परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा किसी हाई-सिक्योरिटी जोन जैसी नजर आ रही है।
टू-लेयर चेकिंग का कड़ा सुरक्षा घेरा, बिना गहन जांच के मसूड़ों तक की स्कैनिंग
हरियाणा के अंबाला, पंचकुला, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार और रोहतक सहित तमाम परीक्षा केंद्रों पर इस बार अभ्यर्थियों को एक बेहद सख्त और दोहरे सुरक्षा घेरे (Two-Layer Checking) से गुजरना पड़ रहा है। परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर ही पहली चेकिंग की जा रही है, जहां छात्रों के एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र और बायोमेट्रिक हाजिरी का बारीकी से मिलान किया जा रहा है। इसके ठीक बाद दूसरे लेयर की चेकिंग के तहत अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टरों के जरिए हर एक छात्र की गहन शारीरिक जांच की जा रही है। किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, यहां तक कि किसी भी प्रकार के धातु के गहने, तागे या बेल्ट पहनकर अंदर जाने की सख्त मनाही है। चेकिंग इतनी बारीक है कि पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही किसी भी परीक्षार्थी को उसकी अलॉटेड सीट तक जाने की अनुमति दी जा रही है।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर केंद्र पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) मुस्तैद
परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटने के लिए प्रशासन ने प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर और संवेदनशील इलाकों में 'क्विक रिस्पॉन्स टीम' (QRT) की तैनाती की है। हरियाणा पुलिस के सशस्त्र और प्रशिक्षित जवानों से लैस ये टीमें किसी भी आपातकालीन स्थिति में चंद सेकेंड के भीतर एक्शन लेने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है, जिसके तहत केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में चार या उससे अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर पूरी तरह पाबंदी है। स्थानीय खुफिया तंत्र और सिविल ड्रेस में तैनात पुलिसकर्मी भी परीक्षा केंद्रों के आसपास मँडराने वाले संदिग्ध तत्वों और कोचिंग सेंटरों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे हैं।
हाई-टेक सर्विलांस का पहरा, जैमर्स और सीसीटीवी कैमरों से हो रही लाइव मॉनिटरिंग
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी प्रकार की डिजिटल या ऑनलाइन गड़बड़ी को रोकने के लिए हाई-पावर सिग्नल जैमर्स लगाए गए हैं, जो परीक्षा शुरू होते ही पूरे परिसर के मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह ठप कर देते हैं। इसके साथ ही हर एक परीक्षा कक्ष में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड सीधे दिल्ली स्थित एनटीए के मुख्य कंट्रोल रूम और जिला मुख्यालयों में बने स्थानीय मॉनिटरिंग सेल रूम को भेजी जा रही है। फ्लाइंग स्क्वाड और जोनल मजिस्ट्रेट लगातार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन के इस अभूतपूर्व और बेहद कड़े बंदोबस्त से जहां मुन्नाभाइयों और नकल माफियाओं के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए हैं, वहीं ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों ने इस कड़े इंतजाम पर गहरी संतुष्टि और राहत जाहिर की है।