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ट्राईसिटी के यात्रियों को बड़ा झटका! चंडीगढ़ में अब नहीं दौड़ेंगी ओला कैब और बाइक, प्रशासन ने लाइसेंस 6 महीने के लिए किया सस्पेंड

पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी व खूबसूरत केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ (Chandigarh Transport Update) से इस वक्त परिवहन जगत और आम जनता से जुड़ी एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अगर आप भी चंडीगढ़ या उसके आस-पास के इलाकों में सफर करने के लिए ओला कैब (Ola Cab) या ओला बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हो सकती है। चंडीगढ़ प्रशासन के स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने नियमों की अनदेखी और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर ओला कंपनी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए ओला एग्रीगेटर का आधिकारिक लाइसेंस अगले 6 महीने के लिए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (Ola License Suspended) कर दिया है, जिसके बाद शहर की सड़कों पर ओला की गाड़ियों के पहिए पूरी तरह थमने की नौबत आ गई है।

नियमों की अनदेखी और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन का चाबुक

स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, ओला कंपनी के खिलाफ पिछले काफी समय से नियमों के उल्लंघन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन द्वारा निर्धारित की गई एग्रीगेटर पॉलिसी (Aggregator Policy) के तहत कैब कंपनियों को यात्रियों की सुरक्षा, उचित किराया दर और ड्राइवरों के वेरिफिकेशन से जुड़े कई कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। लेकिन ओला कंपनी इन नियमों को लागू करने में लगातार लापरवाही बरत रही थी। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जब कंपनी की ओर से संतोषजनक जवाब और सुधार देखने को नहीं मिला, तो चंडीगढ़ प्रशासन ने कड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए इसके लाइसेंस को आगामी 6 महीनों के लिए निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।

चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के हजारों दैनिक यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें

प्रशासन के इस अचानक और बड़े एक्शन के बाद पूरे ट्राईसिटी (Chandigarh, Panchkula, Mohali) क्षेत्र के हजारों दैनिक यात्रियों (Daily Commuters) के सामने आवाजाही का एक बड़ा संकट खड़ा होने की आशंका गहरा गई है। विशेष रूप से आईटी पार्क में काम करने वाले टेक प्रोफेशनल्स, कॉलेजों के छात्र-छात्राओं और देर रात सफर करने वाले कामकाजी लोगों के लिए यह प्रतिबंध बड़ी मुसीबत बन सकता है। हालांकि, शहर में उबर (Uber) और इनड्राइव (InDrive) जैसी अन्य प्राइवेट एग्रीगेटर कंपनियों की सेवाएं फिलहाल सामान्य रूप से जारी रहेंगी, लेकिन अचानक ओला की सेवाएं बंद होने से अन्य कैब सर्विसेस पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में पीक आवर्स के दौरान यात्रियों को भारी किराया (Surge Pricing) और लंबी वेटिंग टाइम का सामना करना पड़ सकता है।

बाइक टैक्सी पर पहले से था विवाद, अब पूरी तरह से अवैध घोषित

चंडीगढ़ में ओला की ऑटो और कार कैब के साथ-साथ बाइक टैक्सी (Ola Bike Taxi) को लेकर विवाद काफी समय से चल रहा था। चंडीगढ़ प्रशासन ने कमर्शियल इस्तेमाल के लिए गैर-परिवहन (प्राइवेट नंबर प्लेट) वाली दोपहिया गाड़ियों के उपयोग को सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना था। प्रशासन का स्पष्ट कहना था कि बिना उचित परमिट और बिना कमर्शियल रजिस्ट्रेशन के शहर में बाइक टैक्सी चलाना नियमों के खिलाफ है। अब लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद चंडीगढ़ की सीमाओं के भीतर किसी भी ओला बाइक या कैब का संचालन पूरी तरह से अवैध माना जाएगा। ट्रांसपोर्ट विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि निलंबन अवधि के दौरान कोई भी ओला व्हीकल सड़कों पर सवारी ढोते हुए पाया गया, तो गाड़ी को तुरंत जब्त करने के साथ-साथ भारी चालान भी काटा जाएगा।

 

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