क्या आपके शहर में भी बदल गए पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें यूपी के लखनऊ से नोएडा तक का आज का ताजा रेट
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं. रोज सुबह ईंधन की कीमतों में होने वाला यह बदलाव सीधे तौर पर आम आदमी के बजट को प्रभावित करता है. उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज की कीमतें सामने आ चुकी हैं, जिनमें मामूली अंतर देखा जा रहा है. अगर आप आज गाड़ी में तेल भरवाने की सोच रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने शहर के ताजा दाम जरूर नोट कर लें.
लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद में आज का ईंधन रेट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों में आज तेल की कीमतों में स्थिरता और कुछ जगहों पर आंशिक बदलाव देखा गया है. लखनऊ में आज पेट्रोल ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. वहीं, गाजियाबाद में भी पेट्रोल ₹101.88 और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर पर बना हुआ है. नोएडा की बात करें तो यहां पेट्रोल ₹101.96 और डीजल ₹95.44 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है.
प्रयागराज, वाराणसी और आगरा समेत अन्य शहरों का हाल
पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के अन्य प्रमुख शहरों में भी ईंधन के दामों में थोड़ा अंतर नजर आ रहा है. ताजनगरी आगरा में पेट्रोल ₹101.66 और डीजल ₹95.14 प्रति लीटर है, जो राज्य के अन्य शहरों के मुकाबले थोड़ा किफायती है. इसके विपरीत वाराणसी में पेट्रोल ₹102.23 और डीजल ₹95.72 प्रति लीटर पर पहुंच गया है. प्रयागराज में पेट्रोल ₹101.96 और डीजल ₹95.72 प्रति लीटर की दर से मिल रहा है. अलीगढ़ में पेट्रोल ₹101.92 और डीजल ₹95.38, बागपत में पेट्रोल ₹101.78 और डीजल ₹95.27, जबकि आजमगढ़ में पेट्रोल ₹103.18 और डीजल ₹96.54 प्रति लीटर दर्ज किया गया है.
क्यों आ रहा है कीमतों में यह उछाल?
ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां और तेल कंपनियों का घाटा मुख्य वजह माना जा रहा है. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) के दाम जो पहले 64-65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थे, वे बढ़कर लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं. इस भारी उछाल और अंडर-रिकवरी के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. सरकार की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि वैश्विक दबाव के बावजूद घरेलू बाजार में उपभोक्ताओं पर इसका अत्यधिक बोझ न पड़े, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार के समीकरणों के चलते पिछले कुछ समय में कीमतों में यह संशोधन देखने को मिला है.