Electric Vehicle Fire Insurance Rules: इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार में लग जाए आग तो क्या मिलेगा इंश्योरेंस का पैसा? जान लें क्लेम से जुड़े ये 3 कड़े नियम
भारत समेत पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ा है। पर्यावरण के अनुकूल होने और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते खर्चों से राहत दिलाने के कारण लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर और कार धड़ल्ले से खरीद रहे हैं। लेकिन, पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों से इलेक्ट्रिक वाहनों, खासकर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बैटरी में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं।
ऐसे में हर ईवी मालिक या नया खरीदार इस बात को लेकर चिंतित रहता है कि "अगर भगवान न करे मेरी इलेक्ट्रिक कार या स्कूटर में अचानक आग लग जाए, तो क्या मुझे बीमा (Insurance Claim) का पैसा मिलेगा?" इसका जवाब 'हां' है, लेकिन इसके लिए आपको ऑटोमोबाइल इंश्योरेंस के कुछ बेहद जरूरी नियमों और शर्तों की जानकारी होना आवश्यक है:
1. कौन सी इंश्योरेंस पॉलिसी दिलाएगी आग का क्लेम?
अगर आपके पास सिर्फ थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस (Third-Party Insurance) है, तो आपके वाहन में आग लगने पर आपको फूटी कौड़ी भी नहीं मिलेगी। कानूनन यह पॉलिसी सिर्फ आपके वाहन से किसी दूसरे व्यक्ति या संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करती है।
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ओन डैमेज (Own Damage) या कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी (Comprehensive Insurance): ईवी में आग लगने के नुकसान से बचने के लिए आपके पास कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी होना अनिवार्य है। यह पॉलिसी प्राकृतिक आपदाओं, चोरी, एक्सीडेंट के साथ-साथ वाहन में लगी आग (Fire Damage) को भी कवर करती है।
2. किन परिस्थितियों में पास होगा क्लेम? (कवर होने वाले नुकसान)
यदि आपके पास कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी है, तो बीमा कंपनियां निम्नलिखित कारणों से लगी आग का पूरा क्लेम देती हैं:
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शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी: यदि ईवी की वायरिंग में अचानक शॉर्ट सर्किट हो जाए या चलते-चलते उसमें आग लग जाए।
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बैटरी ब्लास्ट: ओवरहीटिंग या मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट (उत्पादन दोष) की वजह से बैटरी में थर्मल रनवे (आग लगना या ब्लास्ट होना) की स्थिति बनना।
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बाहरी कारण: एक्सीडेंट के बाद गाड़ी में आग लग जाना या पास खड़ी किसी अन्य गाड़ी की आग की चपेट में आ जाना।
3. इन गलतियों को किया तो तुरंत रिजेक्ट हो जाएगा क्लेम (सावधानियां)
बीमा कंपनियां ईवी में आग लगने के दावों की बहुत गहन जांच (Investigation) करती हैं। यदि आपकी नीचे दी गई किसी गलती की वजह से आग लगी है, तो आपका क्लेम एक झटके में खारिज (Reject) कर दिया जाएगा:
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आफ्टर-मार्केट एक्सेसरीज (अनाधिकृत बदलाव): यदि आपने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार में बाहर से कोई लोकल लाइट, हॉर्न या कोई भी एक्स्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लगवाया है, जिसके लिए मूल वायरिंग को काटा या बदला गया हो, तो क्लेम बिल्कुल नहीं मिलेगा।
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अनऑथराइज्ड चार्जर का इस्तेमाल: कंपनी द्वारा दिए गए ओरिजिनल चार्जर की जगह किसी सस्ते या अनऑथराइज्ड चार्जर से गाड़ी चार्ज करने पर अगर बैटरी ब्लास्ट होती है, तो यह यूजर की लापरवाही मानी जाएगी।
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कमर्शियल इस्तेमाल और ओवरलोडिंग: निजी (Private) वाहन का उपयोग बिना कमर्शियल परमिट के व्यावसायिक काम या क्षमता से अधिक वजन ढोने के लिए करने पर आग लगने का क्लेम अमान्य हो जाता है।
ईवी मालिकों के लिए 2 सबसे जरूरी 'एड-ऑन कवर' (Add-on Covers)
इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे महंगी चीज उसकी बैटरी (EV Battery) होती है, जो पूरी गाड़ी की कुल लागत का लगभग 40-50% हिस्सा होती है। सामान्य इंश्योरेंस पॉलिसियां समय के साथ डेप्रिसिएशन (घिसावट मूल्य) काटती हैं। इसलिए अपनी ईवी पॉलिसी लेते समय ये दो एड-ऑन जरूर शामिल करें:
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जीरो डेप्रिसिएशन कवर (Zero Depreciation): आग लगने के बाद पार्ट्स बदले जाने पर आपको अपनी जेब से कोई पैसा (प्लास्टिक या फाइबर पार्ट्स की घिसावट लागत) नहीं देना होगा।
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बैटरी प्रोटेक्शन कवर (Battery Protection Cover): यह खास तौर पर ईवी के लिए डिज़ाइन किया गया एड-ऑन है। यह चार्जिंग के दौरान होने वाले वोल्टेज फ्लक्चुएशन या पानी घुसने (Water Ingress) के कारण बैटरी को होने वाले नुकसान को भी सुरक्षा देता है।
आग लगने पर तुरंत क्या करें?
यदि ईवी में आग लगती है, तो सबसे पहले सुरक्षित दूरी पर जाएं और तुरंत फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचित करें। क्लेम फाइल करने के लिए पुलिस की FIR रिपोर्ट, फायर ब्रिगेड की अग्निशमन रिपोर्ट और घटनास्थल की तस्वीरें/वीडियो सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। इसके बाद तेल या बीमा कंपनी को 24-48 घंटे के भीतर सूचना दें।