Ind vs NZ ODI : नए साल का पहला झटका बुमराह और हार्दिक के बिना न्यूजीलैंड से भिड़ेगी टीम इंडिया? जानिए बड़ी वजह

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News India Live, Digital Desk: जनवरी 2026 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज और 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जानी है। फैंस को उम्मीद थी कि टीम इंडिया साल की शुरुआत पूरी ताकत के साथ करेगी, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक चयनकर्ताओं ने एक अलग रणनीति बनाई है।

खबर यह है कि जसप्रीत बुमराह और टीम के उप-कप्तान हार्दिक पांड्या को वनडे सीरीज (ODI Series) से बाहर रखा जाएगा। उन्हें ड्रॉप नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें "वर्कलोड मैनेजमेंट" के तहत आराम दिया जा रहा है।

आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है?

क्रिकेट पंडितों और जानकारों की मानें, तो इसके पीछे दो बड़ी वजहें हैं:

  1. टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी:
    साल 2026 में ही टी20 वर्ल्ड कप होना है, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका मिलकर करेंगे। ऐसे में BCCI का पूरा फोकस टी20 फॉर्मेट पर है। बुमराह और हार्दिक इस टीम के सबसे अहम स्तंभ हैं। मैनेजमेंट नहीं चाहता कि एक द्विपक्षीय वनडे सीरीज के चक्कर में इन खिलाड़ियों को थकान हो या चोट लगे। उन्हें बड़े "मिशन" के लिए बचाकर रखा जा रहा है।
  2. हार्दिक का बॉलिंग लोड:
    हार्दिक पांड्या की फिटनेस हमेशा चर्चा में रहती है। टी20 में 4 ओवर डालना और वनडे में 10 ओवर डालने में बहुत फर्क है। मेडिकल टीम शायद हार्दिक पर एकदम से 10 ओवरों का भार नहीं डालना चाहती। इसलिए, उन्हें सीधे टी20 सीरीज में उतारा जा सकता है, जो उनका सबसे मजबूत पक्ष भी है।
  3. लंबा क्रिकेट सीजन:
    भारतीय टीम हाल ही में काफी क्रिकेट खेल चुकी है। बुमराह जैसे गेंदबाज, जो अपना 100% जोर लगाते हैं, उनके शरीर को रिकवरी की जरूरत होती है।

तो अब ये दोनों कब दिखेंगे?
फैंस को ज्यादा निराश होने की जरूरत नहीं है। रिपोर्ट्स कहती हैं कि ये 'ब्रेक' सिर्फ 3 वनडे मैचों के लिए है। 21 जनवरी से शुरू होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज में बुमराह और हार्दिक दोनों के वापसी करने की पूरी उम्मीद है। टी20 सीरीज में इनका खेलना वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए ज्यादा जरूरी है।

युवाओं के पास 'गोल्डन चांस'
बड़े खिलाड़ियों के न होने का मतलब है युवाओं के लिए खुला मैदान। हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और उभरते हुए ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों के पास वनडे में अपनी छाप छोड़ने का सुनहरा मौका होगा। अगर ये चलते हैं, तो टीम इंडिया की बेंच स्ट्रेंथ और भी खतरनाक हो जाएगी।

तो क्या आप तैयार हैं एक 'नई वाली टीम इंडिया' को चीयर करने के लिए? फैसला जो भी हो, मकसद बस एक ही है—आने वाला वर्ल्ड कप भारत का हो!