Income Tax Refund: आपको इनकम टैक्स रिफंड मिला या नहीं? जानिए देरी की वजह और कैसे करें चेक

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इनकम टैक्स रिफंड: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर बीत चुकी है। कई लोगों को अपना रिफंड मिल गया है, लेकिन अगर आपका अभी तक नहीं आया है, तो कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। रिफंड की प्रक्रिया आमतौर पर 1 से 5 हफ़्ते में पूरी हो जाती है, लेकिन कुछ मामलों में इसमें देरी भी हो सकती है। इस लेख में जानें कि आप अपने रिफंड की स्थिति और देरी के संभावित कारणों की जाँच कैसे कर सकते हैं।

धन वापसी आने में कितने दिन लगते हैं?

जब आप अपना आईटीआर ई-सत्यापित करते हैं, तो आयकर विभाग रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर देता है। आमतौर पर, साधारण रिटर्न के लिए रिफंड एक हफ्ते के भीतर आ जाता है, जबकि व्यावसायिक आय, पूंजीगत लाभ या उच्च कटौती वाले मामलों जैसे जटिल रिटर्न के लिए, इसमें 2 से 5 हफ्ते लग सकते हैं। अगर इस अवधि के बाद भी रिफंड नहीं मिलता है, तो आपको आईटीआर में त्रुटियों या विभाग से प्राप्त नोटिस की जांच करनी चाहिए।

रिफंड की स्थिति कैसे जांचें?

आप आयकर की आधिकारिक वेबसाइट (incometax.gov.in) पर अपने रिफंड की स्थिति देख सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

लॉग इन करें: अपने पैन कार्ड और पासवर्ड का इस्तेमाल करके incometax.gov.in पर लॉग इन करें। अगर आपने किसी CA के ज़रिए रिटर्न दाखिल किया है और आपके पास पासवर्ड नहीं है, तो उनसे पासवर्ड ले लें।

पैन-आधार लिंक: सुनिश्चित करें कि आपका पैन आधार से लिंक है। यदि नहीं, तो इसे लिंक करने के लिए 'अभी लिंक करें' बटन पर क्लिक करें।

सेवाएँ टैब: शीर्ष मेनू में 'सेवाएँ' पर क्लिक करें और 'अपनी धन वापसी स्थिति जानें' का चयन करें।

रिटर्न स्टेटस: 'ई-फाइल' टैब में 'आयकर रिटर्न' पर जाएँ, फिर 'फाइल किए गए रिटर्न देखें' चुनें। यहाँ आपको रिफंड का स्टेटस दिखाई देगा।

धनवापसी में देरी के संभावित कारण

रिफंड में देरी के कई कारण हो सकते हैं। कुछ सामान्य कारण इस प्रकार हैं:

बैंक खाता पूर्व-सत्यापन: आपका बैंक खाता आयकर पोर्टल पर पूर्व-सत्यापित नहीं है।

नाम का मेल न खाना: बैंक खाते में दर्ज नाम पैन कार्ड विवरण से मेल नहीं खाता।

गलत IFSC कोड: बैंक का IFSC कोड गलत दर्ज किया गया हो सकता है।

बंद खाता: आईटीआर में उल्लिखित बैंक खाता बंद कर दिया गया है।

पैन-आधार लिंक न होना: पैन के आधार से लिंक न होने के कारण प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

धनवापसी सीमा और ब्याज

आयकर रिफंड की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। 50,000 रुपये से अधिक के रिफंड की अतिरिक्त जांच की जाती है, जिससे कुछ देरी हो सकती है। अगर रिफंड में देरी होती है, तो आयकर विभाग 0.5% प्रति माह की दर से ब्याज लेता है।

क्या किया जाए?

यदि आपकी धन वापसी रोक दी गई है, तो निम्नलिखित की जांच करें:

आईटीआर का ई-सत्यापन किया गया है या नहीं।

क्या आपने आयकर विभाग के नोटिस का जवाब दिया है या नहीं?

बैंक खाता विवरण और पैन-आधार लिंक सत्यापित करें।

आप इन चरणों का पालन करके अपने रिफ़ंड की प्रक्रिया को तेज़ कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए, incometax.gov.in पर जाएँ ।

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