Income Tax Budget 2026 : अब 31 मार्च तक सुधार सकेंगे ITR की गलती, वित्त मंत्री ने किया डेडलाइन' का बड़ा ऐलान
News India Live, Digital Desk: मोदी सरकार 3.0 के बजट 2026-27 में मध्यम वर्ग और करदाताओं (Taxpayers) के लिए एक और बड़ी राहत की खबर आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने का ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा है। अब अगर आपसे अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय कोई चूक हो गई है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आप एक मामूली शुल्क (Nominal Fee) देकर अपनी गलती को 31 मार्च तक सुधार सकेंगे।
31 दिसंबर का झंझट खत्म, अब मिला 3 महीने का एक्स्ट्रा समय
मौजूदा नियमों के अनुसार, करदाताओं को अपने रिटर्न में किसी भी त्रुटि को सुधारने के लिए 31 दिसंबर तक का ही समय मिलता था। लेकिन बजट 2026 में इस समय सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है।"मेरा प्रस्ताव है कि संशोधित रिटर्न (Revised Return) दाखिल करने की समय सीमा को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च किया जाए। इसके लिए करदाताओं को केवल एक नाममात्र का शुल्क देना होगा।" — निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री
किसे मिलेगा इस राहत का सबसे ज्यादा फायदा?
यह उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो अंतिम समय में रिटर्न भरते समय अपनी आय, निवेश या डिडक्शन (Deductions) की जानकारी देना भूल जाते थे। अब 3 महीने का अतिरिक्त समय मिलने से करदाता बिना किसी भारी जुर्माने के अपनी जानकारी अपडेट कर पाएंगे।
आईटीआर फाइलिंग की नई टाइमलाइन: एक नजर में
सरकार ने फाइलिंग की प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता लाने के लिए समय सीमा को इस प्रकार व्यवस्थित किया है:
ITR-1 और ITR-2 (व्यक्तिगत): इनकी फाइलिंग की समय सीमा 31 जुलाई ही बनी रहेगी।
नॉन-ऑडिट बिजनेस और ट्रस्ट: इनके लिए रिटर्न भरने की तारीख 31 अगस्त करने का प्रस्ताव है।
संशोधित रिटर्न (Revised ITR): इसे भरने की आखिरी तारीख अब 31 मार्च होगी।
सख्त हुआ नियम: गलत जानकारी दी तो 100% पेनल्टी
राहत के साथ-साथ सरकार ने सख्ती के संकेत भी दिए हैं। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई करदाता जानबूझकर अपनी आय छिपाता है या गलत जानकारी (Misreporting) देता है, तो उस पर बकाया टैक्स का 100% जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम कर चोरी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
अन्य बड़ी टैक्स घोषणाएं:
कैंसर की दवाएं: 17 जीवन रक्षक दवाओं को सीमा शुल्क (Customs Duty) से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
शिक्षा और इलाज: विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए रेमिटेंस पर TCS दर 5% से घटाकर 2% की गई।
नया टैक्स एक्ट: वित्त मंत्री ने घोषणा की कि नया 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' आगामी 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो जाएगा।