UN में भारत ने पाकिस्तान को लगाई लताड़, कहा- 'आतंक एक्सपोर्ट करते हो, अपने लोगों पर बम बरसाते हो'

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जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में जब पाकिस्तान ने हमेशा की तरह भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाए, तो उसे एक ऐसे करारे जवाब की उम्मीद नहीं थी। भारत ने अपने 'जवाब के अधिकार' (Right of Reply) का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को दुनिया के सामने आईना दिखा दिया और उसके अपने ही काले सच को बेनकाब कर दिया।

भारत ने पाकिस्तान को क्या कहा?

भारतीय राजनयिक ने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की असलियत खोलकर रख दी। भारत ने साफ शब्दों में कहा कि एक ऐसा देश जो "आतंकवाद का निर्यात (export) करता है" और "बमों का उत्पादन करता है", उसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को मानवाधिकार पर भाषण देने का कोई अधिकार नहीं है।

भारत ने कहा, "पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र बन चुका है। वह न सिर्फ अपने पड़ोसियों के लिए खतरा है, बल्कि वह अपने ही लोगों पर लड़ाकू विमानों से बम बरसाता है।"

पाकिस्तान के दोहरे चरित्र पर किया हमला

भारत यहीं नहीं रुका। उसने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो देश अपने यहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा नहीं कर सकता, जहां आजादी के बाद से हिंदू, सिख और ईसाई अल्पसंख्यकों की आबादी 23% से घटकर मात्र 3% रह गई हो, वह भारत को सहिष्णुता न सिखाए।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान को अगर मानवाधिकारों की इतनी ही चिंता है, तो उसे पहले अपने देश के अंदर बलूचिस्तान और अन्य हिस्सों में हो रहे अत्याचारों को रोकना चाहिए।

भारत का यह कड़ा और सीधा रुख दिखाता है कि अब वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे झूठ को बर्दाश्त करने के बिल्कुल मूड में नहीं है। अब आरोप लगाने की बजाय, पाकिस्तान को अपने ही ट्रैक रिकॉर्ड पर दुनिया के सवालों का जवाब देना पड़ रहा है।