ऑपरेशन सिंदूर पर मानसून सत्र में तीखी बहस: राजनाथ सिंह ने राष्ट्र को जवाब दिया, अमित शाह आज कमान संभालेंगे
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र इस वक्त राष्ट्रहित के गंभीर मुद्दों पर चर्चा का गवाह बन रहा है। लगातार हंगामे, नारेबाजी और बहिष्कार के बीच, इस बार संसद 'पहलगाम हमला' और उसके जवाब में भारतीय सेना द्वारा किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' पर केंद्रित है। कल जहाँ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सत्ता पक्ष की ओर से मोर्चा संभाला, वहीं आज यह जिम्मेदारी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कंधों पर होगी।
राजनाथ सिंह ने दी विस्तार से जानकारी
सोमवार को सत्र के दूसरे दिन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें 25 निर्दोष नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की जान गई थी। उन्होंने इस हमले को "अमानवीयता का सबसे घृणित उदाहरण" बताया, जो भारत की सहनशीलता की सीमा थी।
रक्षा मंत्री ने आगे बताया कि इस हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्च-स्तरीय बैठक की और सेना प्रमुखों को सामरिक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके फलस्वरूप, 6 और 7 मई, 2025 को भारतीय सेनाओं ने 'ऑपरेशन सिंदूर' नामक ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि भारत की संप्रभुता, अस्मिता, नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी और आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक नीति का प्रदर्शन था।
सिंह ने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई थी, जिसमें आतंकवादियों को अधिकतम नुकसान पहुंचाने और पाकिस्तान के आम नागरिकों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया।भारत की सेनाओं ने सटीकता से 9 आतंकवादी बुनियादी ढांचे के ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें अनुमानित रूप से 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक और आका मारे गए। रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि भारत ने राजनीतिक और सैन्य लक्ष्यों की प्राप्ति के बाद कार्रवाई रोकी थी, न कि किसी दबाव में। उन्होंने कहा कि 10 मई को पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO से संपर्क कर कार्रवाई रोकने की अपील की थी, और 12 मई को औपचारिक संवाद के बाद दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई पर विराम लगाने का निर्णय लिया। ऑपरेशन सिंदूर समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि इसे 'विराम' दिया गया है, और भविष्य में किसी भी दुस्साहस पर यह फिर से शुरू हो सकता है।
आज अमित शाह करेंगे संबोधित, विपक्ष करेगा सवाल
रक्षा मंत्री के संबोधन के बाद, आज दोपहर 12 बजे गृह मंत्री अमित शाह सदन में विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे। कांग्रेस को चर्चा के लिए लगभग 2 घंटे का समय दिया गया है, और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस बहस की शुरुआत करेंगे। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी चर्चा में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे सत्र का अंत करते हुए अपना संबोधन देंगे।
विपक्ष के नेता, जैसे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, इस बहस में सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया विफलताएं और ऑपरेशन रोकने के कारणों पर सवाल उठा सकते हैं।