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April 30 2026 03:50 am

ट्रंप के टैरिफ के जवाब में मोदी का स्वदेशी मंत्र: हर भारतीय अपनाए Made in India, खरीदें और बेचें देसी सामान

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामान पर 25% टैरिफ का ऐलान किया है, साथ ही उन देशों पर भी पेनल्टी की धमकी दी है जो रूस से तेल या डिफेंस डील कर रहे हैं—भारत इनमें सबसे अहम है। इन घोषणाओं के बाद भारत में चिंता का माहौल बना हुआ है और ट्रंप के दबाव को एकतरफा व्यापार समझौतों के लिए हथियार के तौर पर देखा जा रहा है।

मोदी का जवाब: 'स्वदेशी' आंदोलन को दें रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के टैरिफ और बयानबाजी का जवाब देते हुए देशवासियों से खरीदी और बिक्री में ‘स्वदेशी’ यानि Made in India प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देने की जोरदार अपील की है। मोदी ने कहा:

“इन वैश्विक अस्थिरता के दौर में आइए प्रण लें कि अपने दुकानों, बाजारों में सिर्फ स्वदेशी उत्पादों का स्टॉक और बिक्री करें। Made-in-India माल को अपनाना, देश सेवा का सच्चा तरीका है।”

उन्होंने किसानों, व्यापारियों से लेकर आम नागरिक तक हर वर्ग से स्थानीय उत्पादों का समर्थन करने की अपील की और इसे गांधीजी को सच्ची श्रद्धांजलि भी बताया:

“हर भारतीय को सोचना चाहिए—क्या जो सामान मैं खरीद रहा हूं, उसे किसी भारतीय की मेहनत, हुनर और पसीने से बनाया गया है? अगर हां, तो वही हमारे लिए स्वदेशी है।”

आगे की रणनीति और राष्ट्रीय संदेश

मोदी ने कहा कि जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, ऐसे समय में देश को अपने आर्थिक लक्ष्यों को लेकर सतर्क और केंद्रित रहना है।

पीएम ने व्यापारियों से विशेष आह्वान किया कि वे दुकानों पर सिर्फ देसी उत्पाद रखें और बेचें।

उन्होंने किसानों के लिए सरकार की कोशिशों को भी गिनाया और कहा, “किसानों का हित हमारी प्राथमिकता है।”

अमेरिका के टैरिफ का असर और भारत का स्टैंड

अमेरिका अगस्त 7 से भारतीय उत्पादों पर 25% इंपोर्ट ड्यूटी लगाएगा।

इसके पीछे अमेरिका का मकसद भारत पर दबाव बनाना है ताकि वह रूस से तेल और डिफेंस उत्पादों की खरीद घटाए और द्विपक्षीय ट्रेड टर्म्स पर सहमत हो।

अमेरिका पहले ही जापान, यूरोपियन यूनियन और ब्रिटेन के साथ फेवरबल डील साइन कर चुका है।

ट्रंप ने भारत को “dead economy” तक कह दिया, जिस पर मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से करारा जवाब दिया कि भारत को 'Vocal for Local' और स्वदेशी का आंदोलन राष्ट्रव्यापी बनाना होगा।