PoK Protests: PoK में अपने ही लोगों पर पाकिस्तान की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! हक मांगने पर बरसाईं गोलियां, 8 की मौत
PoK Protests: जिस कश्मीर के हिस्से को पाकिस्तान ‘आजाद कश्मीर’ कहकर दुनिया को धोखा देता है, आज उसी जमीन पर अपने ही लोगों की आवाज को गोलियों से चुप कराया जा रहा है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की धरती इन दिनों विरोध प्रदर्शनों से नहीं, बल्कि पाकिस्तानी सेना की गोलियों और अपने ही लोगों के खून से लाल हो रही है।
आटा, बिजली जैसी बुनियादी चीजों की बढ़ती कीमतों और पाकिस्तान द्वारा लगाए गए unfair taxes के खिलाफ जब PoK के लोग सड़कों पर उतरे, तो उन्हें मिला क्या? पाकिस्तानी सेना की गोलियां! खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की सीधी फायरिंग में 8 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है, और दर्जनों लोग घायल हैं।
यह कोई आतंकवादी हमला नहीं था। ये लोग अपने ही थे, जो बस सम्मान से जीने का और दो वक्त की रोटी का हक मांग रहे थे।
पूरी दुनिया से काटा, ताकि चीखें बाहर न आएं
इस बर्बर कार्रवाई को दुनिया की नजरों से छिपाने के लिए, पाकिस्तानी हुकूमत ने पूरे PoK में ‘डिजिटल ताला’ लगा दिया है।
- पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
- सारे ट्रांसपोर्ट के साधन भी रोक दिए गए हैं, ताकि न तो कोई बाहर से अंदर आ सके और न ही अंदर का कोई सच दुनिया को बता सके।
आज PoK एक खुली जेल में तब्दील हो चुका है, जहां लोग अपनी ही सेना के खौफ में जी रहे हैं और उनकी चीखें बाहर की दुनिया तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
क्यों सुलग रहा है PoK?
यह गुस्सा एक दिन में नहीं भड़का है। PoK के लोग सालों से पाकिस्तान की सरकार पर उनके संसाधनों को लूटने और उनके साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते आए हैं। अब जब महंगाई ने उनकी कमर तोड़ दी, तो उनका सब्र का बांध टूट गया। वे बस इतना चाहते थे कि जो बिजली उनके यहां के बांधों से बनती है, वह उन्हें भी सस्ते दामों पर मिले, और गेहूं पर लगने वाले भारी टैक्स खत्म हों।
लेकिन हक मांगने की उन्हें जो कीमत चुकानी पड़ी है, उसने पाकिस्तान के उस झूठे नकाब को नोच फेंका है, जो वह ‘कश्मीर की आजादी’ के नाम पर पहनता है। आज दुनिया देख रही है कि कैसे पाकिस्तान अपने ही ‘कश्मीरी भाइयों’ के खून से अपने हाथ रंग रहा है।