आपके पास है 2000 का नोट तो ज़रूर जान लीजिए ये अहम बदलाव, आरबीआई ने क्यों लिया था इतना बड़ा फ़ैसला
News India Live, Digital Desk: देश की अर्थव्यवस्था और आपकी जेब से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला हो, तो हर किसी की नज़रें भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) पर टिकी रहती हैं। ऐसा ही एक बड़ा अपडेट था ₹2000 के नोट को लेकर, जिसने देशभर में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। अगर आपके पास अभी भी ₹2000 का नोट मौजूद है, या आप इसके बारे में सोचते हैं, तो आरबीआई के इस महत्वपूर्ण अपडेट को जानना बेहद ज़रूरी था, और अब भी इसकी जानकारी आपको होनी चाहिए कि इसके पीछे क्या था पूरा मामला।
₹2000 के नोट को लेकर क्यों हुआ था यह बड़ा बदलाव?
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक बड़े फैसले में ₹2000 के गुलाबी रंग के नोट को चलन से बाहर करने का ऐलान किया था। इसका मतलब यह था कि आरबीआई ने इसे जारी करना बंद कर दिया था, हालांकि इसे शुरू में लीगल टेंडर (यानि वैध मुद्रा) बरकरार रखा गया था। इस फैसले के पीछे कुछ खास वजहें बताई गई थीं:
- छोटे नोटों की कमी पूरा करना: जब ₹2000 का नोट आया था, तो इसका उद्देश्य ₹500 और ₹1000 के नोटों के बंद होने के बाद अर्थव्यवस्था में नोटों की कमी को पूरा करना था। अब, चूंकि दूसरे मूल्यवर्ग के नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गए थे, तो इसकी ज़रूरत कम हो गई थी।
- लेन-देन में सुविधा: बड़े मूल्यवर्ग के नोट से लेन-देन में कभी-कभी दिक्कत आती थी, खासकर छोटे खरीददारी में। आरबीआई ने देखा कि ज़्यादातर ₹2000 के नोट बहुत ज़्यादा चलन में नहीं थे।
- साफ नोटों का प्रचलन: नोटों को समय-समय पर 'क्लीन नोट पॉलिसी' के तहत चलन से बाहर करना और नए व साफ नोट जारी करना आरबीआई की एक नीति का हिस्सा है।
आपके ₹2000 के नोट का क्या हुआ था?
आरबीआई के इस फैसले के बाद लोगों को एक निश्चित समय-सीमा (जैसे बैंक की शाखाएं या आरबीआई के दफ्तरों में) के भीतर अपने ₹2000 के नोटों को बैंक खातों में जमा कराने या दूसरे मूल्यवर्ग के नोटों से बदलवाने की सहूलियत दी गई थी। आरबीआई ने इस बात पर जोर दिया था कि ये नोट लीगल टेंडर बने रहेंगे, ताकि आम जनता को किसी तरह की घबराहट न हो और उन्हें अपना पैसा बदलने का पर्याप्त समय मिल सके। यह सुनिश्चित किया गया था कि बिना किसी परेशानी के लोग अपने नोट बदल सकें।
तो अगर किसी के पास आज भी ये नोट बचे हुए हैं, तो उन्हें यह जानकारी रखनी चाहिए कि बैंकों में इसका आदान-प्रदान तो बंद हो चुका है, लेकिन कुछ ख़ास आरबीआई कार्यालयों में अब भी शायद कुछ विकल्प उपलब्ध हों, जिनके बारे में पता लगाना ज़रूरी है। यह आरबीआई का एक ऐसा बड़ा आर्थिक फैसला था जिसने देशभर के लोगों पर सीधा असर डाला था।