लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर भारी हंगामा, अमित शाह और राहुल गांधी के बीच तीखी बहस

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News India Live, Digital Desk: संसद के बजट सत्र में आज का दिन बेहद गहमागहमी भरा रहा। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया, जिससे सदन में जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा। यह पहला मौका नहीं है जब सदन में किसी महत्वपूर्ण पद को लेकर ऐसी तकरार देखी गई है, लेकिन बजट सत्र के दौरान इस तरह का टकराव सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ती दूरियों को साफ दर्शाता है।

विपक्ष की नाराजगी और अविश्वास प्रस्ताव की वजह

विपक्षी दलों, खासकर इंडिया गठबंधन (I.N.D.I.A.) का आरोप है कि सदन के संचालन में निष्पक्षता नहीं बरती जा रही है। राहुल गांधी सहित कई बड़े नेताओं का कहना है कि विपक्ष के मुद्दों को दबाया जा रहा है और उन्हें बोलने का पर्याप्त समय नहीं मिल रहा है। इसी नाराजगी के चलते आज विपक्षी सांसदों ने ओम बिरला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

अमित शाह का पलटवार और सरकार का पक्ष

विपक्ष के हंगामे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन की मर्यादा को तार-तार कर रहा है और महत्वपूर्ण बजट चर्चा से भागने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहा है। अमित शाह ने सदन में स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन स्पीकर के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सदन में क्या हुआ? (प्रमुख घटनाक्रम)

कार्यवाही का बहिष्कार: हंगामा बढ़ता देख विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट की धमकी दी।

बजट पर चर्चा में देरी: अविश्वास प्रस्ताव के कारण बजट सत्र के महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और चर्चाओं में देरी हो रही है, जिससे जनता के मुद्दों पर बात नहीं हो पा रही है।

राहुल गांधी के तीखे तेवर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सदन में आवाज उठाना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है।

अब आगे क्या?

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया जटिल होती है। इसे पास कराने के लिए विपक्ष को भारी बहुमत की आवश्यकता होगी, जो फिलहाल आंकड़ों के हिसाब से मुश्किल नजर आता है। हालांकि, इस कदम ने यह तो तय कर दिया है कि आने वाले दिनों में संसद में टकराव और भी ज्यादा बढ़ने वाला है। देश की नजरें अब अगले कुछ घंटों की कार्यवाही पर टिकी हैं कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच कोई बीच का रास्ता निकलता है या हंगामा यूं ही जारी रहता है।