घर में कितना कैश रख सकते हैं? 1 अप्रैल 2026 से बदले नियम- हिसाब न दे पाए तो लगेगा 78% टैक्स!
नई दिल्ली। अगर आप घर में बड़ी मात्रा में नकदी रखते हैं या बैंक में बड़ा लेन-देन करने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके बेहद काम की है। हाल ही में आए अदालती फैसलों और आयकर विभाग के नए नियमों ने कैश रखने और जमा करने की पूरी प्रक्रिया बदल दी है। जानकारी न होने पर आप भारी जुर्माने और टैक्स की चपेट में आ सकते हैं।
घर में कितना कैश रख सकते हैं?
यह सुनकर आपको राहत मिलेगी कि घर में कैश रखने की कोई तय सीमा नहीं है। आप जितना चाहें उतना पैसा घर में रख सकते हैं, लेकिन सबसे जरूरी शर्त यह है कि उस पैसे का कानूनी स्रोत और ठोस सबूत आपके पास होना चाहिए। जांच के दौरान यह साबित करना आपकी जिम्मेदारी होगी कि पैसा वैध कमाई या बचत का हिस्सा है।
ITAT का बड़ा फैसला— बुजुर्गों को मिली राहत
इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल यानी ITAT ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में माना कि बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के घर में रखी नकदी को हमेशा अवैध नहीं माना जा सकता। ट्रिब्यूनल ने कहा कि अगर पैसा पिछली बचत या बैंक से निकाले गए फंड से जुड़ा है तो वरिष्ठ नागरिकों को हिसाब देने में कुछ रियायत मिलनी चाहिए।
1 अप्रैल 2026 से बैंक ट्रांजैक्शन के नए नियम
सरकार ने Income Tax Rules 2026 में बड़े बदलाव किए हैं जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हैं। बचत खाते में साल भर में 10 लाख रुपये और चालू खाते में 50 लाख रुपये से अधिक कैश जमा होते ही बैंक सीधे आयकर विभाग को सूचित करेगा। अगर साल में कुल जमा या निकासी 10 लाख रुपये से ज्यादा होती है तो पैन कार्ड और कड़ा वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। इसके साथ ही धारा 269ST के तहत किसी भी व्यक्ति से एक दिन में 2 लाख रुपये या उससे अधिक नकद लेना अब दंडनीय है।
हिसाब न दे पाए तो 78% टैक्स और 200% जुर्माना
अगर जांच में आपके पास ऐसा कैश मिला जिसका स्रोत आप नहीं बता पाए, तो आयकर विभाग धारा 115BBE के तहत उस रकम पर 78 प्रतिशत तक टैक्स और सरचार्ज वसूल सकता है। इसके अतिरिक्त 200 प्रतिशत तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि घर में रखे कैश का हमेशा रिकॉर्ड जैसे बैंक विड्रॉल स्लिप या सेल डीड संभाल कर रखें और बड़े ट्रांजैक्शन से पहले अपनी इनकम प्रोफाइल जरूर जांच लें।