होटल-रेस्टोरेंट वालों की अब खैर नहीं बिल में जोड़ा LPG चार्ज तो गिरेगी गाज, सरकार ने दी सख्त चेतावनी
News India Live, Digital Desk : अगर आप भी बाहर खाना खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अक्सर देखा जाता है कि होटल और रेस्टोरेंट खाने के बिल में कई तरह के छिपे हुए चार्ज जोड़ देते हैं, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देशभर के भोजनालयों और रेस्टोरेंट मालिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे ग्राहकों से एलपीजी (LPG) के नाम पर अतिरिक्त वसूली बंद करें।
उपभोक्ताओं की जेब पर डाका बर्दाश्त नहीं: CCPA
मिली जानकारी के मुताबिक, CCPA को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक खाने के बिल में अलग से 'एलपीजी चार्ज' या 'ईंधन अधिभार' (Fuel Surcharge) वसूल रहे हैं। उपभोक्ता अधिकारों का हवाला देते हुए प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि खाने की कीमत में ही सभी लागतें शामिल होती हैं, ऐसे में गैस के नाम पर अलग से पैसा मांगना पूरी तरह से अवैध और अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) की श्रेणी में आता है।
शिकायत पर होगी सीधी कार्रवाई, लाइसेंस पर भी खतरा
CCPA की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई रेस्टोरेंट इस तरह की वसूली करता पाया गया, तो उस पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिल का भुगतान करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ें। अगर बिल में 'LPG Charge' जैसा कोई कॉलम दिखता है, तो वे तुरंत इसकी शिकायत 'नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन' (1915) पर दर्ज करा सकते हैं।
सर्विस चार्ज के बाद अब गैस चार्ज पर रार
बता दें कि इससे पहले सर्विस चार्ज (Service Charge) को लेकर भी सरकार और रेस्टोरेंट संचालकों के बीच काफी खींचतान हो चुकी है। सरकार का मानना है कि मेन्यू कार्ड में जो रेट लिखे होते हैं, उनमें खाना बनाने की लागत, सर्विस और टैक्स पहले से ही जुड़े होने चाहिए। अलग से ईंधन का पैसा मांगना ग्राहकों को गुमराह करने जैसा है। इस नए आदेश के बाद अब जिला कलेक्टरों को भी अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राहकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। अगर कोई होटल मालिक जबरन ऐसे चार्ज वसूलता है, तो आप बिल का भुगतान करने से मना कर सकते हैं और ई-दाखिल पोर्टल के जरिए ऑनलाइन शिकायत भी कर सकते हैं। सरकार की इस सख्ती से मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो अक्सर बाहर खाना खाते वक्त इन छिपे हुए शुल्कों का शिकार होते हैं।