Holika Dahan 2026: इन 3 लोगों को भूलकर भी नहीं देखनी चाहिए होलिका दहन की अग्नि, छिन सकती है घर की खुशियां! जानिए कब है सही डेट
नई दिल्ली। सनातन धर्म में रंगों के महापर्व होली का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होने वाले होलिका दहन के बिना इस त्योहार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। भक्त प्रह्लाद की नारायण भक्ति और होलिका के अहंकार के भस्म होने की यह पौराणिक कथा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन की धधकती आग देखना हर किसी के लिए शुभ नहीं होता है? मान्यता है कि होलिका दहन की रात 'राहु' बेहद उग्र अवस्था में रहता है, जिसके कारण कुछ विशेष लोगों पर इस अग्नि का गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि वे तीन लोग कौन हैं जिन्हें होलिका दहन की अग्नि से दूर रहना चाहिए और इस साल होलिका दहन की सही तारीख क्या है।
इस साल कब जलाई जाएगी होलिका?
इस साल होली की तारीखों को लेकर लोगों में काफी असमंजस है। ज्योतिषीय विद्वानों और पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण के सूतक और अशुभ प्रभावों से बचने के लिए 2 मार्च की शाम को ही होलिका दहन का पवित्र अनुष्ठान करना सबसे शुभ और फलदायी रहेगा।
नवविवाहित महिलाएं (Newlywed Women) भूलकर भी न देखें आग
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, जिन महिलाओं की नई-नई शादी हुई है, उन्हें अपनी पहली होली पर होलिका दहन की आग देखने से सख्त परहेज करना चाहिए। इसके पीछे का पौराणिक कारण यह है कि जब होलिका प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठी थी, तो वह खुद जलकर राख हो गई थी। ऐसे में होलिका दहन की अग्नि को प्रतीकात्मक रूप से जलती हुई 'चिता' के समान माना जाता है। शास्त्रों का मानना है कि नवविवाहिता द्वारा इस अग्नि को देखने से उनके सुखी वैवाहिक जीवन में अड़चनें आ सकती हैं और नकारात्मकता बढ़ सकती है।
गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) के लिए क्यों है खतरनाक?
गर्भवती महिलाओं को भी होलिका दहन स्थल से दूर रहने की सख्त हिदायत दी जाती है। माना जाता है कि होलिका की तेज आग और वहां का उग्र वातावरण गर्भवती महिला के स्वास्थ्य के साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु पर भी बुरा असर डाल सकता है। इसके अलावा, इस साल होलिका दहन के अगले ही दिन चंद्र ग्रहण भी है, जिसके कारण वातावरण में कई तरह की नकारात्मक ऊर्जाएं सक्रिय रहेंगी। ऐसे में होने वाले बच्चे की सुरक्षा के लिहाज से गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर ही रहना चाहिए।
5 साल से छोटे बच्चों (Small Children) को रखें दूर
छोटे बच्चे स्वभाव से बेहद चंचल और कोमल होते हैं। होलिका दहन की विकराल और धधकती आग छोटे बच्चों के कोमल मन-मस्तिष्क में डर पैदा कर सकती है, जिसका उनके मनोविज्ञान पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, भीड़-भाड़ और आग की लपटों के बीच बच्चों के झुलसने या दुर्घटना का शारीरिक खतरा भी बना रहता है। धार्मिक और व्यावहारिक दोनों ही दृष्टियों से 5 से 7 साल तक के बच्चों को होलिका दहन की आग से दूर रखना ही समझदारी है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई सभी जानकारियां और उपाय सामान्य धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय कथाओं पर आधारित हैं। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते हैं। किसी भी नियम का पालन करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या ज्योतिषाचार्य से सलाह अवश्य लें।