अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण, 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर लहराएगा ध्वज
News India Live, Digital Desk: करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र, भव्य राम मंदिर में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ने जा रहा है। 25 नवंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के 161 फुट ऊंचे मुख्य शिखर पर विधि-विधान के साथ धर्म ध्वज फहराएंगे यह समारोह मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का प्रतीक होगा और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए देशभर से हजारों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचेंगे।
20 नवंबर से शुरू होंगे मांगलिक कार्यक्रम
ध्वजारोहण समारोह से जुड़े पांच दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत 20 नवंबर को एक भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। इस यात्रा में 108 महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर शामिल होंगी। कलश यात्रा के बाद यज्ञमंडप में विशेष पूजा-अर्चना और हवन किया जाएगा, जिसमें काशी, अयोध्या और दक्षिण भारत के 108 वैदिक विद्वान भाग लेंगे। यह सभी कार्यक्रम काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ के मार्गदर्शन में संपन्न होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे ध्वजारोहण
विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर, 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य शिखर पर ध्वज फहराकर इस भव्य अनुष्ठान को संपन्न करेंगे। इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।मंदिर के सभी सात शिखरों को पहली बार भगवा ध्वज से सजाया जाएगा, जो एक अद्भुत दृश्य होगा।
श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम
इस भव्य समारोह के लिए 6,000 से 8,000 मेहमानों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को प्राथमिकता दी गई है।आगंतुकों के ठहरने के लिए 1600 कमरों की व्यवस्था की गई है।कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा, जिसके लिए अयोध्या में जगह-जगह बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी।
आम श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए, मंदिर 24 नवंबर की शाम से दर्शन के लिए बंद रहेगा और 26 नवंबर की सुबह 7 बजे फिर से खोल दिया जाएगा।ट्रस्ट ने स्थानीय मंदिरों से राम बारात का आयोजन ध्वजारोहण समारोह के बाद शाम 4 बजे से करने का अनुरोध किया है, ताकि व्यवस्था बनी रहे।