सिर्फ एक भाषा नहीं, हमारी साख है हिंदी,10 जनवरी को क्यों खास बनाता है विश्व हिंदी दिवस?

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News India Live, Digital Desk : आज 10 जनवरी है। सुबह उठते ही शायद आपके व्हाट्सऐप पर "हिंदी हैं हम" वाले मैसेज आने शुरू हो गए होंगे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कैलेंडर में एक तारीख 'विश्व हिंदी दिवस' के नाम पर क्यों दर्ज की गई? यह सिर्फ स्कूलों में कविता पाठ करने या निबंध लिखने का दिन नहीं है, बल्कि यह उस भाषा का जश्न है जो अब भारत की सरहदों को लांघकर दुनिया के डिजिटल नक्शे पर मज़बूती से खड़ी है।

इतिहास की एक छोटी सी झलक
बात साल 1975 की है, जब नागपुर में पहला 'विश्व हिंदी सम्मेलन' हुआ था। मकसद साफ था हिंदी को सिर्फ हमारे घरों तक सीमित न रखकर दुनिया के मंच पर लाना। आगे चलकर साल 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे आधिकारिक रूप से हर साल मनाने का फैसला किया। तब से लेकर आज तक, हम हर 10 जनवरी को दुनिया भर में फैले उन करोड़ों लोगों का आभार जताते हैं, जो हिंदी को अपनी सांसों में बसाए हुए हैं।

2026 में हिंदी की चमक: बदलता दौर, बदलती भाषा
साल 2026 की थीम इस बात पर जोर देती है कि कैसे हिंदी अब 'पुराने जमाने' की भाषा नहीं रही, बल्कि तकनीक और इंटरनेट की सबसे पसंदीदा भाषा बनती जा रही है। आज आपको हर बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, गूगल सर्च और यहाँ तक कि हॉलीवुड फिल्मों के डबिंग वर्जन में हिंदी का रुतबा साफ़ नजर आता है। अब लोग हिंदी बोलने में हिचकिचाते नहीं, बल्कि इसे एक 'स्मार्ट लैंग्वेज' के रूप में देखते हैं।

अक्सर लोग इस बात में हो जाते हैं कन्फ्यूज़...
बहुत से लोग पूछते हैं कि जब हम 14 सितंबर को 'हिंदी दिवस' मनाते हैं, तो फिर 10 जनवरी का क्या काम? इसे समझना आसान है—14 सितंबर वाला दिन हमारे देश (भारत) के भीतर हिंदी को अपनाने की खुशी में है, जबकि 10 जनवरी यानी आज का दिन 'पूरी दुनिया' में हिंदी का परचम लहराने के लिए है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी डिप्लोमेसी और सॉफ्ट पावर का प्रतीक है।

आज हमें क्या करना चाहिए?
फेसबुक या इंस्टाग्राम पर एक फोटो डाल देना काफी नहीं है। सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी जब हम अपनी बातचीत में हिंदी का सम्मान करें, हिंदी लेखकों को पढ़ें और इस भाषा को अपनी आने वाली पीढ़ी तक उसी शुद्धता के साथ पहुँचाएं। चाहे वो यूएन (UN) का मंच हो या लंदन की कोई यूनिवर्सिटी, आज हर जगह हिंदी सीखने वालों की कतार लगी है।

तो चलिए, आज के इस खास दिन पर हम भी संकल्प लें कि अपनी इस 'मातृभाषा' को ग्लोबल बनाने में हम भी अपना छोटा सा योगदान ज़रूर देंगे। आप सभी को विश्व हिंदी दिवस 2026 की दिल से बहुत-बहुत बधाई!